परमार्थ निकेतन में आयोजित रूद्राभिषेक में प्रतिभाग करते स्वामी चिदानंद सरस्वती व अन्य।
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परमार्थ निकेतन में नववर्ष पर योग रिट्रीट और रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। रुद्राभिषेक में परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती, हिंदूजा परिवार, साध्वी भगवती सरस्वती और विभिन्न देशों के साधकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में विभिन्न देशों के साधकों ने योग, ध्यान, प्राणायाम, वैदिक मंत्रों का उच्चारण का अभ्यास किया। इसके अलावा मानव जीवन की उपयोगिता, मानव जीवन का उद्देश्य, सनातन जीवन पद्धति, कर्म की महिमा, जीवन में धर्म का महत्व जैसे अनेक विषयों पर सत्संग किया गया। सांयकालीन सत्र में सभी योग साधकों ने मां गंगा की दिव्य आरती में सहभाग किया। स्वामी चिदानंद सरस्वती और साध्वी भगवती सरस्वती के सांनिध्य में आध्यात्मिक प्रश्नोत्तरी, मौन सत्र, सूर्य उदय, सूर्य अस्त साधना और अन्य आध्यात्मिक सत्रों में योग साधकों ने भाग लिया। स्वामी चिदानंद ने कहा वैसे तो नव वर्ष चैत्र शुक्ल प्रतिपदा में हिंदू नव सवंत्सर होता है। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को बंसतोत्सव के रूप में नववर्ष महोत्सव का आरंभ होता है। कहा कि जब ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी तब इस तिथि को प्रथम स्थान दिया गया था।
इस मौके पर स्वामी चिदानंद ने योग जिज्ञासुओं, साधकों एवं भक्तों को एकल प्लास्टिक का उपयोग न करने, जल संरक्षण और पौधरोपण का संकल्प कराया। इस मौके हिंदूजा परिवार के सदस्य प्रकाश, कमल, अजय, नम्रता, नित्या आदि ने विद्यालयों की शिक्षिकाओं को साड़ियां और साधु संतों को कंबल भेंट किए।