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दुर्लभ प्रजाति के सांप के साथ पांच तस्कर गिरफ्तार

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8 दुर्लभ प्रजाति के सांप के साथ रायवाला पुलिस के हत्थे चढ़े तस्कर। - फोटो : RISHIKESH
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दुर्लभ प्रजाति के 1.14 मीटर लंबे रेड सैंड बोआ सांप के साथ पांच तस्कर रायवाला पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम ने तस्करों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया। पांचों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
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रायवाला थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी के मुताबिक पुलिस को मुखबिर से एक वाहन में वन्यजीवों की तस्करी की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने रायवाला चेक पोस्ट पर नाकेबंदी कर दी। पुलिस सभी वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी बीच एक कार देहरादून की ओर से आ रही थी। जब पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो चालक कार घुमाकर भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया। कार में चालक सहित पांच लोग सवार थे। जब पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें एक सांप बरामद हुआ। पुलिस ने राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज की टीम को सूचित कर मौके पर बुलाया। टीम ने सांप की पहचान दुर्लभ प्रजाति के रेड सैंड बोआ के तौर पर की। टीम ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सांप की कीमत करोड़ों रुपये में है। थानाध्यक्ष भुवन चंद्र पुजारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान अनीस (35), सलीम (30), सद्दाम (25), जैदी (20), जोबिन (25) सभी निवासी रानी नागल, थाना भोजपुर, जिला मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। वन विभाग ने पांचों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। दुर्लभ प्रजाति के सांप को मोतीचूर रेंज की टीम के सुपुर्द कर दिया गया है। तस्करी के लिए इस्तेमाल की गई कार को सीज किया गया है।
पुलिस पूछताछ में पांचों तस्करों ने बताया कि दुर्लभ प्रजाति के रेड सैंड बोआ सांप का प्रयोग तांत्रिक क्रियाओं के लिए होता है। तांत्रिक दुर्लभ सांप के लिए मुंह मांगी रकम देने के लिए तैयार रहते हैं। इसके अलावा कैंसर के इलाज करने वाली दवाओं और सौंदर्य प्रसाधन के सामानों में भी सांप के अवशेष का इस्तेमाल होता है। तस्करों ने बताया कि वे बिहार बंगाल, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में दुर्लभ सांपों की तस्करी करते थे। आरोपियों ने बताया कि तस्करी का काम बेहद ही गोपनीय ढंग से किया जाता है।
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