माजरी ग्रांट ग्राम पंचायत में जंगली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाथी गन्ना और गेहूं की फसल को बर्बाद कर रहे हैं। किसान वन विभाग से समस्या के निदान की मांग कर रहे हैं।
बड़कोट वन रेंज की सीमा से सटे माजरीग्रांट ग्राम सभा के रेशममाजरी और लालतप्पड आदि कई क्षेत्रों में इन दिनों हाथियों का झुंड किसानों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। आए दिन हाथी खेतों में खड़ी गन्ना और गेहूं की फसल को क्षति पहुंचा रहे हैं। ठंड के दिन होने के कारण किसान खेतों की रखवाली भी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में उनको भारी नुकसान हो रहा है। बीते दिनों जगदेव सिंह, इंद्र सिंह, कुंवरपाल, ओमप्रकाश और अनूप आदि किसानों की गेहूं और गन्ने की फसल को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है। माजरी ग्राम प्रधान अनिल पाल ने बताया कि हाथियों की आमद अधिक होने से लोगों को जान माल के नुकसान का भय सता रहा है। वन विभाग से पीड़ित किसानों के लिए उचित मुआवजा और ऊर्जा बाड़ आदि की व्यवस्था कराने का अनुरोध किया गया है। बड़कोट रेंजर धीरज रावत ने बताया कि वन सीमाओं पर ऊर्जा बाड़ की व्यवस्था का प्रयास हो रहा है। फिलहाल विभागीय गश्ती दल को अधिक सक्रिय कर दिया गया है।