ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के सोशल आउटरीच सेल विभाग के नोडल आधिकारी डॉ. संतोष कुमार का कहना है कि अध्ययन के अनुसार भारत में हर एक घंटे में मानसिक तनाव से ग्रस्त एक युवा आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में देश के 18 से 25 वर्ष के आयुवर्ग के 65 फीसदी युवा मानसिक तनाव की चपेट में हैं।
एम्स के एसोसिएट प्रोफेसर और सोशल आउटरीच सेल विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. संतोष कुमार ने बताया आधुनिक जीवशैली और कोरोना के प्रभाव के चलते युवा मानसिक तनाव की गिरफ्त में आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि युवाओं को मानसिक तनाव को दूर करने के लिए एम्स पिछले कई वर्षों से वेलनेस कार्यक्रम चला रहा है। इसमें एम्स के विशेषज्ञों की टीम स्कूलों और कालेजों में जाकर युवाओं के बातचीत करती है। युवाओं को तनाव को दूर करने के लिए जरूरी टिप्स भी दिए जाते हैं।
मानसिक तनाव के लक्षण
सर में दर्द, दांत और जबड़े पीसना, शरीर में थरथराहट होना, उदास रहना, किसी काम में दिल ना लगना, अधिक या कम सोना, अधिक खाना या कम खाना, किसी बात पर ध्यान ना देना
तनाव से निजात कैसे पाएं
मेडिटेशन और योगा करें, परिवार के साथ समस्याएं साझा करें, अकेले रहने से बचे, मोबाइल और कंप्यूटर पर अधिक समय न बिताए, 10 मिनट सैर करें, रिलेक्सिंग एक्सरसाइज करें, गुब्बारा फुलाएं, मसाज कराएं, स्टीम लें, अरोमा ऑयल, ग्रीन टी पीएं, फेशियल एक्सरसाइज करें।