ग्रीन रेलवे स्टेशन व ग्रीन रेलवे लाइन तीर्थ सेरे हमारी पहचान जन संवाद यात्रा का तीर्थनगरी पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया।
बृहस्पतिवार को जन संवाद यात्रा का ऋषिकेश पहुंचने पर ढालवाला स्थित चंद्रा पैलेस में गढ़भूूमि लोक संरक्षण समिति के अध्यक्ष आशाराम व्यास के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने स्वागत किया। इस अवसर पर जनसंवाद यात्रा के मुख्य संरक्षक डॉ. मोहन सिंह रावत गांववासी ने कहा कि 11 फरवरी को कर्णप्रयाग से शुरू की गई यात्रा गोचर, श्रीनगर, मलेथा, देवप्रयाग होते हुए ऋषिकेश पहुंची है। इसका समापन शुक्रवार को देहरादून में किया जाएगा। जन संवाद यात्रा का मुख्य उद्देश्य ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक बनाए जाने वाले रेलवे स्टेशनों व रेलवे पटरियों के समीप पर्यावरण को संरक्षित किया जाना है। उन्होंने कहा कि हमारी मुख्य मांगे रेलवे लाइन के दोनों ओर हरित पट्टी हो इससे रेल से उत्पन्न होने वाले प्रदूषण से खेती में न्यूनतम प्रभाव पड़े। रेलवे स्टेशनों के लिए उतनी ही भूमि का इस्तेमाल किया जाए। जिससे रेलवे लाइन व प्लेटफार्म बन सके, बाकी में पेड़ों व बागवानी का कार्य किया जाए। रेलवे स्टेशनों में उपयोग होने वाले लाइट, पंखे सौर ऊर्जा से संचालित हो। इन स्टेशनों में किसी प्रकार की प्रदूषित करने वाले सामग्री का उपयोग न किया जाए।
स्टेशनों में स्थानीय उत्पादों की बिक्री की व्यवस्था हो इससे स्थानीय लोग प्रोत्साहित हो सके। पर्वतीय क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों को एक मॉडल के रूप में विकसित किए जाएं। इससे पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके। उन्होंने कहा कि इसके लिए शुक्रवार को राज्यपाल व मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंप कर यात्रा का समापन किया जाएगा। इस अवसर पर प्रेम बल्लभ नैथानी, समीर रतूड़ी, डॉ. अरविंद दरमोड़ा, रमाबल्लभ भट्ट, शिव प्रसाद बहुगुणा, विशालमणि पैन्यूली, भरतमणि कुड़ियाल, सुरेंद्र भंडारी, रामस्वरूप नौटियाल, शशि कंडारी, पुष्पा ध्यानी, रोशनी राणा, दर्शनी भंडारी, सीमा बिजल्वाण, विशेश्वरी उनियाल, आरती चौहान, निर्मला शर्मा, दीपा भट्ट, मंजू बिजल्वाण, नीमा पंवार, कुसुम जोशी, कमला नेगी आदि मौजूद थे।