हरिद्वार मार्ग पर अतिक्रमण चिह्नित करते नेशनल हाईवे के कर्मचारी।
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तीर्थनगरी के मुख्य मार्ग पर पसरे अतिक्रमण को हटाने के लिए तीसरे दिन ट्रंचिंग ग्राउंड के गेट से कोयल घाटी तिराहे तक चिह्नीकरण किया गया। एनएच विभाग के सहायक अभियंता प्रवीण सक्सेना ने बताया कि सप्ताह भर में अतिक्रमण चिह्नीकरण की कार्रवाई पूरी की जानी है।
उन्होंने बताया कि लोक निर्माण विभाग के वर्ष 1948 के नक्शे के अनुसार हरिद्वार रोड पर भी अतिक्रमण चिह्नित किया गया। विदित है कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार तीर्थनगरी की सड़कों पर पसरे अतिक्रमण को हटाया जाना है। बीते दिनों इस संबंध में जिलाधिकारी देहरादून ने एनएच विभाग को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया था। इसी क्रम में बीते दो दिनों में एनएच विभाग की टीम ने चंद्रभागा पुल से हरिद्वार रोड स्थित ट्रंचिंग ग्राउंड के गेट तक अतिक्रमण चिह्नित किया। तीसरे दिन सहायक अभियंता प्रवीण सक्सेना के नेतृत्व में टीम ट्रंचिंग ग्राउंड के गेट के समीप पहुंची। यहां से टीम ने कोयल घाटी तिराहे तक अतिक्रमण को चिह्नित किया।
इस दौरान पुरानी चुंगी के आसपास स्थित व्यापारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही। इस मौके पर अपर सहायक अभियंता प्रवीन प्रताप, छत्रपाल सिंह, राजस्व निरीक्षक सतीश जोशी, बलदेव राणा, महिला उपनिरीक्षक नमिता सैनी और पांच पुलिस आरक्षी मौजूद रहे।
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व्यापारियों ने किया चिह्नीकरण का विरोध
लक्ष्मणझूला रोड के व्यापारियों ने एनएच विभाग की ओर से किए जा रहे अतिक्रमण चिह्नीकरण का विरोध जताया। शुक्रवार को इस संबंध में व्यापारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एनएच विभाग के अधिशासी अभियंता को पत्र भी भेजा। व्यापारियों ने बताया कि बीते 6 नवंबर को एनएच विभाग की ओर से लक्ष्मणझूला रोड पर चिह्नीकरण की कार्रवाई की गई थी, जिसमें 43 फीट पर सड़क के दोनों ओर निशान लगाए गए। जबकि, छह माह पूर्व यहां एनएच विभाग की ओर से 40 फीट पर अतिक्रमण चिह्नित किया गया था। व्यापारियों ने कहा कि लोक निर्माण विभाग का वर्ष 1940 का नक्शा भी 40 फीट की रोड को दर्शाता है। जबकि, चिह्नीकरण के लिए आई टीम ने अब 43 फीट पर निशान लगाया है।