- हर्बल कुंभ में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, भरत चौधरी व बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी हुए शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी
यमकेश्वर। विकासखंड यमकेश्वर के मालागांव स्थित हर्बल वर्ल्ड हिमालय श्री धन्वंतरि धाम में आयोजित हर्बल कुंभ के दूसरे दिन बृहस्पतिवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी और बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान अतिथियों ने हिमालय की दुर्लभ वनौषधियों के संरक्षण, संवर्धन और उनके औषधीय उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में अतिथियों ने आयुर्वेद और जड़ी-बूटियों के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हिमालय की जैव विविधता और पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान देश की अमूल्य धरोहर है। विशेष रूप से यमकेश्वर क्षेत्र प्राकृतिक संपदा से समृद्ध है। यहां विभिन्न प्रकार की दुर्लभ और बहुमूल्य जड़ी-बूटियां पाई जाती हैं, जिनमें औषधीय गुणों की अपार संभावनाएं हैं। संजीवनी बूटी सहित विभिन्न वनौषधियों की पहचान, उपयोगिता और औषधीय महत्व को लेकर शोध कार्यों को आगे बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वनौषधियों का वैज्ञानिक पद्धति से अध्ययन और उनका संरक्षण समय की आवश्यकता है। जड़ी-बूटियों के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने और उनके औषधीय उपयोग को विस्तार देने से स्थानीय स्तर पर रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ ही पारंपरिक ज्ञान को भी संरक्षित किया जा सकेगा। इस दौरान अतिथियों ने आयुर्वेद, जड़ी-बूटी संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जुड़े पतंजलि योगपीठ व महिला स्वयं सहायता समूहों की ओर से लगाए गए स्टालों का अवलोकन किया। स्टालों के माध्यम से जड़ी-बूटियों के उत्पादों, उनके उपयोग और स्थानीय स्तर पर आजीविका के प्रयासों की जानकारी ली। इससे पहले पतंजलि योगपीठ के अध्यक्ष व कुलपति आचार्य बालकृष्ण ने अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किए। बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने हर्बल वर्ल्ड हिमालय व धन्वंतरि धाम की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन हिमालय की प्राकृतिक और औषधीय संपदा को नई पहचान देने के साथ ही आयुर्वेद व पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस मौके पर भरत लाल, राकेश कुकरेती, अमन कुकरेती, धर्मानंद बिजल्वाण, विनोद जुगराण आदि मौजूद रहे।