जनपद में कलस्टर आधारित कृषि ग्राम योजना की ग्राम स्तरीय बैठक में मंगलवार को जैविक खेती और पुरानी बासमती की खेती पर जोर दिया गया। कृषि मंडी और हाट बाजार को लेकर भी चर्चा हुई।
डोईवाला ब्लॉक के माजरी ग्रांट ग्राम सभा में मंगलवार को इंटीग्रेटड मोडेल एग्रीकल्चर विलेज यानी आईएमए विलेज की बैठक हुई। इसमें जनपद के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय किसानों ने प्रतिभाग किया। प्रमुख सचिव कृषि हरबंश चुग ने समूह बनाकर कृषि कार्य करने की बात कही। उन्होंने पशुपालन, रेशम उद्योग, मत्स्य पालन, मुर्गी, गाय और मौन पालन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आईएमए विलेज से किसानों और ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। इसके अलावा जैविक कृषि कर साग-सब्जी और फल फूल की पैदावर करने, जड़ी बूटी और मशालों की खेती पर ध्यान फोकस करने, कृषि मंडी और हाट बाजार को लेकर विचार विमर्श किया गया। माजरी ग्रांट ग्राम प्रधान अनिल पाल ने बताया कि आईएमए विलेज बनने से गांव का विकास और उन्नयन तेजी से होगा।
बैठक में नाबार्ड के ज्ञानेन्द्र मनी, भास्कर पंत, विकास कुजैन, मशरूम अधिकारी संजय कमल, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसबी पांडे, मुख्य कृषि अधिकारी विजय देवराड़ी, मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. मीनाक्षी जोशी, मत्स्य अधिकारी विनोद यादव, वीके तिवारी, नरेश कुमार, बीएस नेगी, बाचस्पति भट्ट, रमेश धनै, हिमानी, किसान अनिल पाल, गुरदीप सिंह, फूल सिंह, जसवंत सिंह, शेर सिंह, दयाराम, कुंवर सिंह, सुखविंदर सिंह, खेम सिंह, स्वतंत्र बिष्ट, यशपाल सिंह, अजीत सिंह, रामचंद्र, देवेन्द्र पाल मौजूद थे।