ग्राम सभा श्यामपुर और ठाकुरपुर में हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीती रात हाथियों ने किसानों की गेहूं की फसल रौंदने के साथ ही नंबरदार फार्म में दो घरों की चहारदीवारी को भी तोड़ दिया। लोगों का कहना है कि हाथी लगातार गांवों में घुसकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे लोगों को जानमाल का खतरा बना हुआ है।
लेकिन वन विभाग समस्या के प्रति उदासीन बना हुआ है। वन विभाग हाथियों को जंगल मेें रोकने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा। क्षेत्र में गश्त, सुरक्षा दीवार और ऊर्जा बाड़ के नाम पर लाखों खर्चने के बाद भी हाथियों की रोकथाम नहीं हो पा रही है।
श्यामपुर के नंबरदार फार्म में मंगलवार की रात हाथी ने राकेश भट्ट और रमेश भट्ट की चहारदीवारी तोड़ डाली। गांव में घुसे हाथी से ग्रामीण दहशत में आ गए। हाथियों ने किसानों की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचाया। ग्राम प्रधान शाकुंबरी बिष्ट ने वन विभाग से हाथियों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और पीड़ितों को मुआवजा देने की मांग की है।
राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क की मोतीचूर रेंज सीमा से सटे गांव ठाकुरपुर और पांडे प्लॉट में लगातार हाथियों की चहलकदमी से किसानों के लिए खेती करना मुश्किल हो गया है। हाथी लगातार गांवों में घुसकर कई किसानों की गेहूं की फसल रौंद चुके हैं। इससे किसानों में आक्रोश है।
सत्यनारायण चौकी पहुंचे किसान
ठाकुरपुर के किसान हाथियों से सुरक्षा को लेकर बुधवार को सत्यनारायण मंदिर स्थित पार्क चौकी में पहुंचे। उन्होंने पार्क प्रशासन से क्षेत्र में गश्त लगाने की मांग की। किसानों ने बताया कि हाथी लगातार किसानों की फसल नष्ट कर रहे हैं। लेकिन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा है।
भाजपा नेता विक्रम प्रसाद उनियाल के नेतृत्व में चौकी पहुंचे किसानों ने वन क्षेत्राधिकारी महेंद्र गिरि गोस्वामी को इसकी जानकारी दी। इस बाबत रेंजर गोस्वामी का कहना था कि किसानों ने गांव में हाथी के घुसने की जानकारी दी है। हाथी प्रभावित इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है। शिकायत करने वालों में अनीता देवी, पुष्पा देवी, कौशल्या देवी, दर्शनी देवी, उदय जेठुडी, नवदेव उनियाल, कुंदन रणाकोटी आदि शामिल थे।