खराब मौसम के चलते चारधाम यात्रा की रफ्तार मंद पड़ गई है। शनिवार को मात्र 150 श्रद्धालु चारधाम यात्रा पर रवाना हुए। प्रश्ाासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों को गंगा तटों पर न जाने की अपील की है। एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि दो जिलों में आई आपदा के बाद ऋषकेश को अलर्ट किया गया है। खासतौर से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को गंगा किनारे जल पुलिस को भी तैनात किया गया है।
शनिवार को संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति की पांच बसों से करीब 150 श्रद्घालुओं का जत्था आस्थापथ की ओर रवाना हुआ। चारधाम यात्रा के प्रवेशद्वार तीर्थनगरी श्रद्घालुओं से गुलजार थी, अब श्रद्घालु कम ही नजर आ रहे है। शनिवार सुबह चारधाम यात्रा बस टर्मिनल कंपाउंड में स्थित फोटोमीट्रिक पंजीकरण के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से श्रद्घालु पहुंचे। कतार में खड़े होकर श्रद्घालुओं ने फोटोमीट्रिक पंजीकरण कराया। त्रिलोक सिक्योरिटी कंपनी के प्रबंधक प्रेमअनंत ने बताया कि शनिवार को 338 श्रद्घालुओं ने फोटोमीट्रिक पंजीकरण कराया है। हालांकि दोपहर बाद सन्नाटा पसरा रहा। संयुक्त रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति के बृजभानू गिरी ने बताया कि बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए तीन और चार धाम के लिए दो बसें रवाना हुई हैं।
गंगा का जलस्तर घटा
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के चलते तीर्थनगरी के गंगा तटीय इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। बीते शुक्रवार को गंगा जलस्तर खतरे के निशान से 40 सेमी नीचे था। शनिवार को इसमें कमी आई। अब गंगा 83 सेमी नीचे बही। उधर, उपजिलाधिकारी कुश्म चौहान ने तटीय क्षेत्र का दौरा कर राहत बचाव दल को सतर्क रहने के निर्देश दिए।
देर रात से बारिश का सिलसिला जारी है। बावजूद इसके शनिवार को गंगा का जलस्तर में कमी आई। बीते शुक्रवार को गंगा का जलस्तर 339.10 मीटर जा पहुंचा था। वहीं, शनिवार को जलस्तर 338.74 रहा। लिहाजा बाढ़ के खतरे से खौफजदा गंगा और सहायक नदियों के किनारे बसे लोगों ने राहत महसूस की। शाम को उपजिलाधिकारी कुश्म चौहान ने गंगा तटीय क्षेत्र का निरीक्षण का व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने जल पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम को बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए हरसंभव तैयार रहने के निर्देश दिए। उधर, शनिवार तड़के से तीर्थनगरी में हुई झमाझम बारिश से दून मार्ग, जीवनी माई रोड, हीरालाल मार्ग, हरिद्वार मार्ग पर जगह-जगह जलभराव से लोगों को आवाजाही में दिक्कत हुई।