नववर्ष के स्वागत पर सैलानियों के लिए सजे जंगल कैंप।
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2016 की विदाई और नए वर्ष 2017 के स्वागत के लिए गंगा की सहायक नदियों के किनारे कैंप सज चुके हैं। कैंप में नूतन वर्ष की मस्ती और धमाल होगी। पर्यटकों को उत्तराखंडी व्यंजन परोसे जाएंगे। हालांकि इस बार एनजीटी के गंगा किनारे बीच कैंपों पर रोक लगने से नए साल की रौनक कम रहेगी।
नए साल के स्वागत के लिए बड़ी तादात में देश विदेश से पर्यटक तीर्थनगरी का रूख करते हैं। इनमें बड़ी संख्या विदेशी पर्यटकों की होती है। पहले गंगा तट पर सजे बीच कैंपो में नए साल का जश्न मनाया जाता था, लेकिन दो साल पहले गंगा तट पर हरित राष्ट्रीय प्राधिकरण ने प्रतिबंध लगा दिया था, जिससे कौडियाला-मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन के करीब 100 बीच कैंप बंद हो गए। रोक के बाद हैंवल और शिवपुरी घाटी में जंगल बीच कैंपों का विस्तार हुआ।
इन बीच कैंपो में नए साल के जश्न की तैयारी पूरे शबाब में है। 31 दिसंबर की शाम इन कैंपो पर मस्ती और धमाल होगा। कैंप संचालक जीत पाल सिंह, अनुभव पयाल, उत्तम सिंह रावत ने बताया कि नए साल के जश्न के लिए कैंप फूल हैं। विदेशी पर्यटक करीब 20 प्रतिशत और देसी पर्यटक 60 प्रतिशत से अधिक हैं।