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प्रतिबंध के बावजूद खनन का खेल जारी

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अवैध खनन सामग्री को ट्रैक्टर ट्रॉली में लोड करते मजदूर - फोटो : RISHIKESH
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चंद्रभागा नदी में खुलेआम अवैध खनन का सिलसिला जारी है। कहने को तो खनन पर प्रतिबंध है लेकिन ये औपचारिकता भी कागजों तक सीमित है। इसी का नतीजा है कि प्रतिदिन चंद्रभागा नदी से बड़ी मात्रा में अवैध खनन कर राजस्व को चूना लगाया जा रहा है। वन विभाग की कार्रवाई से बेखौफ खनन माफिया ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर अवैध ढंग से रेता बजरी की ढुलाई कर रहे हैं।
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ढालवाला पुल से यात्रा बस स्टैंड पुल तक प्रतिदिन बड़ी मात्रा में चंद्रभागा नदी में हो रहे अवैध खनन को देखा जा सकता है। कार्रवाई के नाम पर वन विभाग के कर्मचारी यहां पहुंचते तो जरूर हैं, मगर खनन माफियाओं की ऊंची पहुंच और विभागीय सांठगांठ के चलते नियम कानून बौने हो जाते हैं। हालात ये हैं कि दिन भर में सिर्फ चौदह बीघा क्षेत्र से ही करीब 50 ट्राली खनन सामग्री का दोहन हो रहा है। इस अवैध खनन सामग्री को बाजार में करीब चार हजार रुपये प्रति ट्राली के हिसाब से बेचा जाता है। इस अवैध कारोबार में करीब दर्जन पर खनन माफियाओं की सक्रियता है।
चौदह बीघा और ढालवाला की अधिकांश महिलाएं अवैध खनन के लिए मजदूरी का काम करती हैं। नदी से खनन सामग्री को निकालकर महिलाएं चौदह बीघा और ढालवाला की ओर बने तटबंध पर डंप करती हैं। यहां से खनन माफिया नदी से निकली सामग्री को ट्रैक्टर-ट्रॉली और खच्चरों पर लोड कर बाजार में आपूर्ति करते हैं। ढालवाला और चौदह बीघा किनारे चंद्रभागा नदी पर बने तटबंध में खनन सामग्री पहुंचाने के लिए महिलाओं ने कच्ची सीढ़ी तक बना डाली है। सीढ़ी तैयार करने के लिए पहले महिलाओं ने सीमेंट के खाली बैगों में चंद्रभागा की रेत और बजरी भरी। इसके बाद एक-एक रेत बजरी के भरे बैग को उसके ऊपर रखते गए और देखते ही देखते चंद्रभागा से तटबंध तक अवैध खनन सामग्री को पहुंचाने का रास्ता बन गया। तटबंध को चंद्रभागा से जोड़ने के लिए करीब 4 जगहों पर कच्चा रास्ता बनाया गया है।
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लक्ष्मणझूला क्षेत्र में भी जोरों पर है अवैध खनन
ऋषिकेश। लक्ष्मणझूला समेत अन्य जगहों पर गंगा किनारे अवैध खनन बदस्तूर जारी है। खच्चरों की सहायता से यहां अवैध खनन सामग्री की ढुलाई की जाती है। नदी पार भी इन्हीं खच्चरों की सहायता से खनन सामग्री पहुंचाई जाती है। हैरानी की बात तो ये है कि पूरा शहर इस अवैध खनन के कारोबार से वाकिफ है मगर वन विभाग को भनक तक नहीं लग पा रही है।
कोट्स
चंद्रभागा नदी में कार्रवाई के दौरान महिलाओं के प्रयोग किए जाने वाले सीमेंट के खाली बैगों को बड़ी संख्या मेें पकड़ा था। यहां पकड़े जाने के दौरान खनन माफिया अपनी ऊंची पहुंच की धौंस दिखाते हैं। चंद्रभागा नदी मेें खनन रोकने के लिए कार्रवाई शुरू की जाएगी।
आरपीएस नेगी, रेंज अधिकारी, ऋषिकेश कार्यालय
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लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा से अवैध खनन को रोकने के लिए स्थानीय पुलिस को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। समय समय पर रेवेन्यू की टीम भी छापेमारी की कार्रवाई भी करती है। यदि अवैध खनन का कोई मामला संज्ञान में है तो सूचना दें तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
युक्ता मिश्र, एसडीएम, नरेंद्र नगर
पुलिस की सख्ती से अवैध खनन पर कसा है शिंकजा
डोईवाला। सुसवा नदी में भी अवैध खनन लगातार जा रही है। पुलिस की नाक तले अवैध तरीके से खनन सामग्री का उठान कर लिया जाता है। पुलिस की सख्ती के बावजूद अवैध खनन करने वाले रात में चोरी छिपे ही नदी में घुसते हैं। अवैध खनन को लेकर पुलिस ने डोईवाला में काफी सख्ती बना रखी है। पुलिस की टीमें कई बार नदियों में औचक छापामार कार्रवाई करती हैं। सुसवा नदी खैरी, बुल्लावाला आदि में अवैध खनन की शिकायतें मिली हैं। हालांकि पुलिस नदियों में पूरी तरह से अवैध खनन बंद होने की बात कह रही है। इधर खनन विभाग के अधिकारी भी कह रहे है कि नदियों में अवैध खनन को लेकर सतर्कता रखी जा रही है। कोतवाल राकेश गुसांई ने बताया कि अवैध खनन पर पूरी तरह से शिकंजा कसा हुआ है। किसी भी तरह की शिकायत फिलहाल नहीं मिल रही है। बावजूद इसके पुलिस दल आए दिन क्षेत्र की नदियों में औचक छापामार कार्रवाई कर रहा है।
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