शहर की सड़कें रोशनी से जगमगाती नजर आएंगी। शनिवार को मेयर अनिता ममगाईं ने 14वें वित्त आयोग व कुंभ मेला बजट से 3.30 करोड़ रुपए की योजना का शिलान्यास कोयलघाटी तिराहे पर किया। वहीं कुंभ मेला बजट से नगर की पथ प्रकाश व्यवस्था के साथ नगर के बीचोंबीच पड़ने वाले डिवाइडर निर्माण की कवायद शुरू कर दी है।
प्रेसवार्ता के दौरान उन्होंने बताया कि नीम करोली मंदिर से चंद्रभागा पुल और देहरादून रोड, तहसील रोड सहित आईएसबीटी परिसर के करीब छह किमी क्षेत्र में 330 विद्युत पोल लगाए जाने हैं। उक्त योजना के पूर्ण होते ही शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था बेहद शानदार हो जाएगी। इसके अतिरिक्त नगर निगम आईडीपीएल से एम्स तक डिवाइडर का निर्माण करेगा। यह सभी कार्य आगामी महाकुंभ से पूर्व कर लिए जाएंगे। इसकी तैयारी निगम स्तर पर प्रारंभ कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में पूरे शहर में निर्माण व विकास कार्य धरातल पर दिखाई देंगे। गंगा घाटों से दूर हो रही जलधारा को भी घाट तक लाने का प्रयास किया जा रहा है। हरिद्वार रोड स्थित खाली भूखंड में कूड़े के पहाड़ को हटाने की कवायद भी नगर निगम ने प्रारंभ कर दी है। मेयर ने कहा कि नये वर्ष के आगाज के साथ ही शहर में विकास कार्यों की चमक दिखाई देने लगेगी। इस दौरान नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल, पार्षद राकेश मियां, पार्षद राजेंद्र बिष्ट, गुरविंदर सिंह, राधा रमोला, विजय बडोनी, विजेंदर मोघा, संदीप गुप्ता, सतवीर तोमर, हर्ष गवाड़ी आदि उपस्थित रहे।
महिला उत्पीड़न रोकने के लिए सेल का गठन
ऋषिकेश। नगर निगम में कार्यरत महिला कर्मचारियों के साथ बदसलूकी, अत्याचार, शोषण अथवा पुरुष सहकर्मी की ओर से अभद्रता करने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए निगम प्रशासन ने महिला सेल का गठन किया है। नगर आयुक्त नरेंद्र सिंह क्वींरियाल ने बताया कि महिला कर्मियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए सेल का गठन किया गया है। इसमें सहायक नगर आयुक्त ऐलम दास, कर अधीक्षक निशात अंसारी, सफाई निरीक्षक सचिन रावत सदस्य बनाए गए हैं। निगम में एक स्क्रीनिंग कमेटी भी गठित की गई है। इस कमेटी का काम निगम में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों को चिह्नित करना है जो काम करने में अक्षम या लापरवाह हैं। कमेटी ऐसे कर्मचारियों को 50 वर्ष की आयु के बाद वीआरएस दिलाने की संस्तुति शासन को करेगा। इस कमेटी में सहायक नगर आयुक्त विनोद लाल, लेखाकार राजकुमार सिंह, विमलेश सेमवाल को शामिल किया गया है। नगर आयुक्त ने बताया कि अब हर सेक्शन में एक निगरानी कमेटी का गठन होगा जिससे भविष्य में गड़बड़ियों पर अंकुश लगाया जा सके।