1561 पर्यटकों ने उठाया रीवर राफ्टिंग का लुत्फ
गंगा में रीवर राफ्टिंग के दौरान प्रतिबंध के बावजूद भी गाइड गो प्रो कैमरे का इस्तेमाल करते हुए नजर आ रहे हैं। पर्यटकों की सुरक्षा दृष्टिगत गंगा में राफ्टिंग के दौरान गाइड का गो प्रो कैमरे का इस्तेमाल करने पर रोक है। नियमों का उल्लंघन करने वाले गाइड और राफ्ट व्यवसायी के खिलाफ पर्यटन विभाग की ओर से उचित कार्रवाई करने का प्रावधान है।
बीते 16 सितंबर से गंगा में राफ्टिंग का संचालन शुरू हो गया है। इस दौरान गाइड खुलेआम सुरक्षा मानकों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। गाइड का गो प्रो कैमरे का इस्तेमाल करने से उसका ध्यान पर्यटकों का वीडियो बनाने में ही रहता है। जिससे वह गंगा में आने वाले रैपिड़ों से बेखबर हो जाता है। रैपिड में राफ्ट पलटने से उसे पर्यटकों का रेस्क्यू करने में परेशानी होती है। इसके लिए पर्यटन विभाग की ओर से गो प्रो कैमरे का इस्तेमाल करने पर पाबंदी है।
गाइड गो प्रो कैमरा के इस्तेमाल पर प्रति पर्यटक शुल्क एक हजार से 15 सौ रुपये वसूलता है। अधिक मुनाफा कमाने की फेर में गाइड पर्यटकों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। साहसिक खेल पर्यटन अधिकारी खुशाल सिंह नेगी ने बताया कि विभागीय टीम ऐसे गाइडों के खिलाफ समय समय पर चेकिंग अभियान चलाती है। टीम को आते देख कई गाइड कैमरे को छीपा देते हैं। इनके खिलाफ विभाग की ओर से अब सख्ती से अभियान चलाया जाएगा।
1561 पर्यटकों ने उठाया रीवर राफ्टिंग का लुत्फ
गंगा में रविवार को दूसरे दिन शिवपुरी, ब्रह्मपुरी और क्लब हाउस से 1561 पर्यटकों ने रीवर राफ्टिंग का लुत्फ उठाया। जिला पर्यटन विभाग के आंकड़े के मुताबिक रविवार को 1288 पर्यटकों ने ब्रह्मपुरी, 201 पर्यटकों ने क्लब हाउस और 72 पर्यटकों ने शिवपुरी से रीवर राफ्टिंग की।
बीते वर्ष राफ्टिंग के दौरान तीन लोग गवां चुके हैं जान
बीते वर्ष राफ्टिंग के दौरान मार्च में अंबाला निवासी एक 28 वर्षीय युवती, अप्रैल महीने में राजस्थान जयपुर का एक 32 वर्षीय युवक और अक्तूबर महीने में कलकत्ता के एक 62 वर्षीय व्यक्ति की राफ्टिंग के दौरान मौत हुई है।