19 जुलाई से श्रावण मास कांवड़ यात्रा शुरू होने जा रही है। लेकिन नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक प्रशासन ने अब तक कांवड़ मार्ग पर घूम रहे आवारा पशु नहीं पकड़वाए है। अब फिर से ये जानवर फिर से यात्रा में अड़चन पैदा करेंगे।
नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक को गठित हुए चार वर्ष का समय बीत चुका है। लेकिन लक्ष्मणझूला, स्वर्गाश्रम के मुख्य बाजारों, गंगा घाटों और तटों पर घूम रहे आवारा जानवरों को पकड़ने की कोई व्यवस्था पालिका प्रशासन नहीं कर पाया है। जानवरों की आपसी लड़ाई में अब तक कई देसी विदेेेशी पर्यटक और राहगीर चोटिल हो चुके हैं।
कई बार कांवड़ खंडित होने से हंगामा भी खड़ा हो जाता है। प्रशासन स्तर पर आयोजित होने वाली बैठकों में हर बार स्थानीय लोग इस समस्या को प्रमुखता से उठाते आ रहे है। लेकिन यह समस्या बैठकों तक ही सिमट जाती हैं।
इनका क्या है कहना
आवारा पशु वास्तव में इस क्षेत्र के लिए बड़ी समस्या है। इन पशुओं को पालिका प्रशासन इनको अपने स्तर से पकड़वा कर कहीं और नहीं छुड़वा सकता। प्रशासन की ओर से यदि कोई दिशा निर्देश जारी होते हैं तो उसका पालन जरूर किया जाएगा।
राधेश्याम छाछर, अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत स्वर्गाश्रम जौंक