एम्स में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते वक्ता।
- फोटो : RISHIKESH
एम्स में डेंगू व मलेरिया के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर जनजागरुकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जनरल मेडिसिन विभाग की ओर से जागरुकता कार्यक्रम के दौरान चिकित्सकों ने बताया कि डेंगू रोके जाने योग्य है, उपचार योग्य नहीं है। उन्होंने बताया कि संक्रमण का इलाज करने के लिए कोई दवा या टीका उपलब्ध नहीं है। डेंगू फैलाने वाले मच्छर दिन के समय काटते हैं, मच्छरों के काटने से बचाव करके संक्रमण से बचा जा सकता है। चिकित्सकों ने बताया कि सप्ताह में एक बार वह वस्तुएं जिनमें पानी एकत्रित होता है, जैसे टायर, बाल्टी, खिलौने या कूड़ा दान उन्हें खाली करके रखें। डॉ. पीके पांडा ने बताया कि डेंगू ग्रस्त रोगी की प्लेटलेट्स 10 हजार से कम होने पर ही रोगी को रक्त चढ़ाया जाता है। यदि शरीर से रक्तस्राव होता है तो इस स्थिति में रक्त चढ़ाना जरूरी है। कार्यक्रम में मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. ब्रह्मप्रकाश, डॉ. प्रसन्न कुमार पांडा, डॉ. महेंद्र सिंह, डॉ. निधि केले, डॉ. दीप ज्योति कालिता, डॉ. मनीष कुमार ने व्याख्यान दिए।
डेंगू के लक्षण :
अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार का होना, मांसपेशियों में तथा जोड़ों में दर्द होना, आंखों के पीछे दर्द होना जो आंखों को घुमाने से बढ़ता है। जी मिचलाना या उल्टी होना, गंभीर मामलों में नाक मुंह, मसूड़ों से खून आना अथवा त्वचा पर चकक्ते उभरना।
ये हैं उपाय
आराम करें, तेज बुखार को नियंत्रित करें, शरीर में पानी की कमी नहीं होने दें, अपने घर में डेंगू को फैलने से रोकने के उपाय करें। शरीर से रक्तस्राव होता है तो इस स्थिति में रक्त चढ़ाना जरुरी है। दिन के समय सोते समय मच्छरदानी या मच्छर मारने की दवा का प्रयोग करें।