छात्रसंघ के एक पदाधिकारी की जीत की खुशी उस समय हंगामे में बदल गई जब डीजे के लिए हलवाई और पार्षद आपस में भिड़ गए। हंगामा बढ़ता देख किसी ने पुलिस को फोन कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस दोनों को लेकर कोतवाली गई तो यहां पर दोनों ने खूब हंगामा किया। पुलिस ने देर रात दोनों को लॉकअप में डाल दिया, और चार घंटे बजे दोनों को बाहर निकाला।
घटना बृहस्पतिवार देर रात का है। हनुमंतपुरम स्थित एक वेडिंग प्वाइंट में छात्रसंघ के एक पदाधिकारी की जीत की खुशी मेें जश्न की पार्टी चल रही थी। आरोप है कि यहां राजेश पाल नामक हलवाई ने डीजे को समय 10 बजे तय किया था। इसके बाद डीजे बंद करा दिया। पार्टी में शामिल युवाओं को यह खलल नागवार गुजरी और उन्होंने पार्षद शिव कुमार गौतम को फोन कर दिया। पार्षद शिव कुमार गौतम अपने साथियों के साथ वेडिंग प्वाइंट पहुंचे और डीजे को दोबारा चलाने की बात कहने लगे।
इसी बात को लेकर पार्षद और हलवाई के बीच बहस शुरू हो गई। बहस इतनी बढ़ी कि दोनों आपस में भिड़ गए और मामला पुलिस तक पहुंच गया। आखिरकार पुलिस दोनों को कोतवाली लेकर आई। आरोप है कि रात करीब 11 बजे दोनों ने कोतवाली में भी हंगामा करना शुरू कर दिया। जब मामला शांत न हुआ तो पुलिस ने दोनों को लॉकअप में बंद कर दिया और करीब चार घंटे के बाद रात्रि करीब तीन बजे दोनों को बाहर निकाला।
पार्षद पर लगाया लॉकअप में पीटने का आरोप
हलवाई राजेश पाल ने आरोप लगाया कि पार्षद शिव कुमार गौतम ने शराब पी रखी थी। वह अपने साथ तीन अन्य लोगों को भी लेकर आए थे। उन्होंने आते ही अभद्रता करनी शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस दोनों को कोतवाली लेकर आई, यहां भी पार्षद ने गाली गलौच की। हलवाई ने आरोप लगाया कि पार्षद ने उनके साथ लॉकअप में मारपीट की। जब वह जोर-जोर से चिल्लाने लगे तो पुलिस ने रात करीब तीन बजे लॉकअप से बाहर निकाला।
हलवाई पर लगाया धमकी देने का आरोप
पार्षद शिवकुमार गौतम ने राजेश पाल पर आरोप लगाया कि जब वह वेडिंग प्वाइंट पहुंचे तो हलवाई अपने साथियों के साथ शराब पी रहा था। जब मैं मौके पर पहुंचा तो हलवाई ने गाली गलौच शुरू कर दी। पार्षद आरोप लगाया कि हलवाई ने उन्हें पुलिस का रौब दिखाया और पुलिस के साथ मिलकर लॉकअप में बंद करने की धमकी तक दी। साथ ही अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया। उन्होंने लॉकअप में हलवाई के साथ कोई मारपीट की बात नकारी।
कोट्स
दो बार डीजे बंद कराने के बाद पार्षद शिव कुमार गौतम और राजेश पाल हलवाई के बीच बहस शुरू हुई। दोनों को पुलिस कोतवाली लेकर पहुंची। यहां भी दोनों पक्ष आपस में झगड़ने लगे। जब स्थिति काबू से बाहर होने लगी तो दोनों का धारा-81 के तहत चालान कर लॉकअप में डाल दिया। मामला पुरानी रंजिश से जुड़ा भी प्रतीत हो रहा है। लॉकअप में मारपीट जैसी बात बेबुनियाद है। दोनों पहले एक ही लॉकअप में थे, बाद में दोनों को अलग-अलग रखा गया।
- विनय शर्मा, सब इंस्पेक्टर, ऋषिकेश कोतवाली