एम्स के डॉक्टरों और आशा कार्यकत्रियों ने बृहस्पतिवार को बाल्मीकि बस्ती का सर्वे किया। सर्वे के दौरान बस्ती में 18 स्थानों पर डेंगू का लार्वा पाया गया। आशा सुपरवाइजर एसएस यादव के मुताबिक लार्वा को नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही लोगों को जागरूक किया गया।
बस्ती के निरीक्षण के दौरान टीम ने घरों में जाकर फ्रिज, कूलर आदि का निरीक्षण किया। लोगों को कूलर और घर के आस पास पानी इकट्ठा न रखने की नसीहत दी गई। उन्हें पूरी बांह के कपड़े पहनने की सलाह दी गई। यादव के मुताबिक डेंगू का लार्वा का मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि जिन व्यक्तियों की बुखार की शिकायत है, उनका चेकअप कर डॉक्टर दवाईयां भी दे रहे हैं। जरूरत पड़ने पर मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है।
सर्वे टीम में एम्स से राहुल गिल, प्रकाश चंदोला, नवीन मोहन, डॉ संतोष कुमार के साथ ही आशा फेसिलिलेटर सरस्वती रावत, सुमित्रा पंत, सरस्वती रौतेला, सोनम, गीता, हुकुमो रानी, आभा रानी, मधु मित्तल, बबिता शर्मा, सरोजिनी चौहान आदि शामिल थे।
साफ सफाई और फॉगिंग की मांग
डोईवाला। नगर पालिका डोईवाला के पूर्व सभासद विजय बख्शी ने नगर पालिका डोईवाला के अधिशासी अधिकारी को ज्ञापन देकर क्षेत्र में फैल रहे डेंगू की रोकथाम के लिए ठोस कार्ययोजना बनाकर काम करने की मांग की। अवगत कराया कि शहरी क्षेत्र डोईवाला में तमाम लोग डेंगू का शिकार हो चुके हैं। पालिका स्तर पर रोकथाम के लिए पर्याप्त साफ सफाई और नियमित फॉगिंग की मांग की।