ऋषिकेश। षड दर्शन साधु समाज के साधु संतों ने कुंभ मेले को लेकर एक बैठक आयोजित की। बैठक में वर्ष 2021 में आयोजित होने वाले महाकुंभ के दौरान बसंत पंचमी के पर्व पर ऋषिकेश में साधुओं के स्नान पर चर्चा की गई।
सोमवार को भगवान गिरी आश्रम मायाकुंड में षड दर्शन साधु समाज के अध्यक्ष महंत भूपेंद्र गिरी की अध्यक्षता बैठक हुई। संदीप शास्त्री ने बैठक का संचालन किया। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि वर्ष 2021 में सभी संतो को उज्जैन, नासिक, प्रयाग की तरह सभी सुविधाएं निशुल्क उपलब्ध करवाई जाए। देवप्रयाग के नगरपालिका अध्यक्ष कृष्णकांत कोठियाल ने कहा कि उत्तराखंड सरकार वर्ष 2021 में आयोजित होने वाले महाकुंभ की तैयारी कर रही है, इस वर्ष सरकार की ओर से संतों की मांग पर ऋषिकेश, देवप्रयाग के संगम पर संतों के शाही स्नान कराए जाने की घोषणा की है। लेकिन अभी तक दोनों स्थानों पर राज्य सरकार की ओर से कुंभ के दृष्टिगत किसी भी प्रकार का अनुदान दिए जाने की घोषणा नहीं की गई है। जिससे व्यवस्था बनाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गैर भाजपा सरकार की ओर से पूर्व में कुंभ के दौरान देवप्रयाग में भी विकास के लिए धन आवंटित किया था। लेकिन हिंदुओं की कहलाने वाली सरकार के रूप में पहचान रखने वाली भाजपा सरकार हिंदुओं व सनातन धर्म की ही उपेक्षा कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र ही देवप्रयाग व ऋषिकेश में कुंभ के लिए बजट का आवंटन नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा। नगर निगम ऋषिकेश के सहायक आयुक्त विनोद लाल शाह ने बताया कि निगम की ओर से कुंभ मेले में व्यवस्थाओं के लिए प्रस्तावित बजट भेजा गया है, लेकिन अभी तक किसी भी प्रकार की धनराशि स्वीकृत नहीं कराई गई है।
बैठक में स्वामी करुणा पुरी, स्वामी गोपालाचार्य, अमरदेव जोशी, विवेक गोस्वामी, महंत लोकेशदास, स्वामी आनंद देवानंद, विनोद शर्मा, मनोहरलाल शर्मा, महंत कपिलमुनि, राजेश भट्ट, केवल कृष्ण लाम्बा, पंकज शर्मा, योगेश शर्मा, राजेश गौतम, राजीव गुप्ता, नरेश अग्रवाल आदि मौजूद थे।