हरिपुरकला से करीब डेढ़ माह से लापता युवक का शव क्षत विक्षत हालत में सुखी नदी के किनारे झाड़ियों से बरामद हुआ। पुलिस और वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में लेकर छानबीन की। प्रथम दृष्टया शव के किसी हिंसक जानवर द्वारा नोचे जाने की पुष्टि हुई।
सोमवार को जंगल में घास पत्ती लेने जा रही महिलाओं को आनंदोत्सव आश्रम के सामने सुखी नदी के किनारे एक शव नजर आया। महिलाओं ने इसकी सूचना ग्राम प्रधान सतेंद्र धमांदा को दी। प्रधान की सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव कब्जे में लिया।
शव की शिनाख्त पेंट की जेब से मिले मोबाइल के आधार पर प्रवेश जोशी (28) पुत्र राधेलाल जोशी निवासी हरिपुरकला के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि प्रवेश करीब डेढ़ माह पहले संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था। परिजनों की तहरीर पर गुमशुदगी दर्ज खोजबीन की जा रही थी।
बताया जा रहा है कि शव किसी हिंसक जानवर द्वारा बुरी तरह से नोचा हुआ था। मौके पर मौजूद वन विभाग के अधिकारियों ने भी इसकी पुष्टि की। लोगों ने आशंका जताई कि युवक पर गुलदार ने हमला किया है। इस पर मोतीचूर रेंज के वनाधिकारी महेंद्र गिरी गोस्वामी ने कहा कि इसकी जांच की जाएगी। थानाध्यक्ष प्रदीप चौहान ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
17 नवंबर को हुआ था लापता
प्रवेश बीते 17 नवंबर को घर से लापता हुआ था। काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने 22 नवंबर को उसकी गुमशुदगी रायवाला थाने में दर्ज कराई थी। ग्रामप्रधान सतेंद्र धमांदा ने बताया कि प्रवेश को आध्यात्म और योग क्रियाओं के प्रति लगाव था, इसके चलते वह अक्सर नदी के किनारे और गंगा तट में साधना करने जाता था। आशंका जताई कि इसी दौरान क्षेत्र में सक्रिय गुलदार ने उस पर हमला किया होगा।