एक सप्ताह पहले एक ही रात तीन दुकानों में हुई चोरी के खुलासे के बाद सवाल भी उठ खड़े हुए हैं। पीड़ित व्यापारियों ने गल्ले से लाखों की नकदी चोरी होना बताया था, लेकिन पुलिस अब इस बात से सीधे इनकार कर रही है। ऐसे में पुलिस सच बोल रही या व्यापारी यह जांच का विषय बन गया है।
बीते शुक्रवार की रात क्षेत्र रोड में बाबा एजेंसी रेडीमेड गारमेंट शॉप में हुई चोरी के मामले शॉप स्वामी ने बताया कि गल्ले से करीब 98 हजार, सिंध क्लाथ कंपनी स्वामी हरिओम नारंग ने बताया कि गल्ले से डेढ़ लाख रुपये और पुराने गहने चोरी हुए हैं।
जबकि झंडा चौक स्थित बर्तन शॉप से क्या चोरी हुआ इसका पुलिस के सामने खुलासा नहीं किया, लेकिन दबी जुबान में एक लाख से अधिक नकदी चोरी होना कबूला था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर संबंधित धारा में केस दर्ज भी किया। अब खुलासा होने पर पुलिस तीनों दुकानों से लाखों रुपये की चोरी की जगह हजारों की नकदी चोरी होना बता रही है।
पुलिस अधीक्षक देहात टीडी बेला ने बताया कि नाबालिगों ने तीन दुकानों से 40 हजार रुपये चोरी करने का जुर्म कबूला है। चारों ने रात में ही चोरी के रुपये आपस में बांट लिए, जिसमें से 95 सौ रुपये मिले हैं। व्यापारिक संगठनों ने चोरी के खुलासे पर सवाल उठाते हुए कहा कि पुलिस बड़ी चोरी को छोटी दिखाकर जिम्मेदारी से बच रही है।
नगर उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के महामंत्री जयदत्त शर्मा ने बताया कि फिलहाल चोरी के खुलासे से संतुष्ट नही है। दो अन्य फरार आरोपियों के पकड़े जाने और चोरी की रकम बरामद होने पर ही व्यापारी संतुष्ट होंगे।