अनुरक्षण कार्य के लिए बंद की गई चीला शक्ति नहर में मंगलवार को फिर जिंदा कारतूस और सड़े गले अवशेष मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने कारतूस कब्जे में ले लिए हैं। 12 दिन में नहर से कारतूस मिलने की तीसरी घटना है। मामले में पुलिस का वही रटा रटाया जवाब जांच की जाएगी तभी कुछ स्पष्ट हो सकेगा।
मंगलवार दोपहर कुनाऊ पुलिया के सामने चीला शक्ति नहर में कबाड़ बीन रहे एक कबाड़ी को कारतूस दिखाई दिए। उसने मामले की जानकारी मौके पर मौजूद स्पेशल ब्रांच के कर्मचारी को दी। सूचना पर लक्ष्मणझूला थाना पुलिस पहुंची और कारतूस बरामद किए।
उपनिरीक्षक जितेंद्र चौहान ने बताया कि चीला शक्ति नहर से थ्री नॉट थ्री के 12 जिंदा कारतूस और आठ कारतूस के सड़े गले अवशेष मिल हैं। बताया कि मामले से पुलिस के आला अफसरों को अवगत कराया दिया गया है। कारतूस जांच के लिए देहरादून फोरेंसिक लैब में भेजे जाएंगे।
12 दिन 26 कारतूस
17 नवंबर को अनुरक्षण कार्य के लिए चीला शक्ति नहर को बंद किया गया था। नहर में पानी रोककर बैराज से चीला तक नहर में सफाई और मरम्मत कार्य चल रहा है। इसी दौरान 19 नवंबर को नहर से थ्री नॉट थ्री राइफल के दो जिंदा कारतूस, दो खोखे और पिस्टल में प्रयोग होने वाले 38 बोर और 9 एमएम के कारतूसों के सात खोखे मिले।
पुलिस जांच भी पूरी नहीं कर पाई कि 29 नवंबर को कुनाऊ पुलिया के सामने ही नहर से आधुनिक हथियार एके 47 के 12 जिंदा कारतूस मिले। मंगलवार को नहर में फिर 12 जिंदा कारतूस मिले। यानी कि 12 दिन के अंदर ने नहर ने 26 जिंदा कारतूस उगले हैं।