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पथराव करने वाले छात्रों को नोटिस देना भूली पुलिस

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। बीती 15 अक्तूबर को आवास विकास एलआईसी ऑफिस के पास एम्स के मेडिकल छात्रों और स्थानीय लोगों के बीच पथराव के मामले में पुलिस की कार्रवाई ढीली नजर आई है। इस मामले में पुलिस ने एम्स के दो मेडिकल छात्रों को गिरफ्तार किया था, साथ ही 13 छात्रों को घटना में शामिल होना पाया था। इस घटना को तीन माह से भी अधिक समय बीत चुका है, मगर पुलिस इन 13 छात्रों को नोटिस तक नहीं दे पाई है।
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दूसरी ओर घटना के बाद एम्स प्रशासन ने इस मामले में पांच छात्र तथा एक छात्रा को निष्कासित किया था। साथ ही मामले की जांच के लिए हाई लेवल जांच टीम गठित की थी। मौजूदा स्थिति ये है कि अंदरखाने स्थानीय लोगों और मेडिकल छात्रों की एम्स प्रशासन ने गुपचुप बैठक कराकर मामले पर समझौता कर दिया है। साथ ही सभी निलंबित मेडिकल स्टूडेंट्स की बहाली भी हो गई है।
सूत्रों के मुताबिक पुलिस अब इस मामले को ठंडे बस्ते में डालना चाहती है। इसका कारण यह है कि एम्स प्रशासन और स्थानीय लोगों के बीच गुपचुप तरीके से घटना के एक माह बाद बैठक हो गई, जिसमें दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है। इस पूरे मामले की विवेचना कर रहे आईडीपीएल चौकी इंचार्ज राकेश भट्ट ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति बनी है, लेकिन पुलिस की कार्रवाई जारी है। एम्स के 13 नामजद मेडिकल छात्रों के खिलाफ नोटिस तैयार हो चुके हैं। तीन छात्रों को तामील भी कराया जा चुका है। अन्य छात्रों को भी जल्द नोटिस थमाए जाएंगे।
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कोट्स
घटना के बाद नामजद छात्र और छात्राएं छुट्टी पर चले गए थे। इस कारण नोटिस तामिल नहीं हो सके। कुछ छात्रों को नोटिस तामिल किए जा चुके है। जल्द ही अन्य छात्रों को भी नोटिस तामिल कराया जाएगा। पुलिस अपनी कार्रवाई जारी रखेगी।
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- रितेश शाह, कोतवाल, ऋषिकेश कोतवाली।
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