राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क से सटे रायवाला के कुछ क्षेत्र को इको सेंसिटिव जोन घोषित करने के लिए बुलाई जन सुनवाई बैठक में सोमवार को हंगामा हो गया। बैठक में ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया और वार्ता का बहिष्कार कर दिया। सोमवार को राजाजी टाइगर रिजर्व की ओर से इको सेंसिटिव जोन को लेकर निदेशक की ओर से पत्र भेजकर जंगल सीमा से सटे तीन गांवों को जन सुनवाई में अपना पक्ष रखने के लिए बुुलाया गया था। इस दौरान भारी संख्या में ग्रामीण रेंज कार्यालय पहुंचे।
हरिपुरकलां, रायवाला और खांडगांव के ग्रामीणों को वार्डन अजय कुमार की ओर से बिंदू वार इको सेंसिटिव जोन की परिधि में पड़ने वाले प्रभाव की जानकारी दी गई। वार्डन अजय कुमार ने बताया कि इको सिस्टम को बिगड़ने से रोकने के लिए जोन की परिधि में तीन प्रकार के नियम लागू होंगे। इसमें पहला नियम इको सिस्टम को खराब होने की दशा में पूरी तरह रोक लगाना होगा, दूसरा प्रदूषण नियंत्रित करने और तीसरा किसी भी काम के लिए स्वीकृत लेनी होगी।
नियमों को सुनते ही ग्रामीणों ने विरोध दर्ज कराना शुरू कर दिया। पूर्व ग्राम प्रधान संजय पोखरियाल की ओर जन सुनवाई के बहिष्कार का ऐलान किया। संजय पोखरियाल ने बताया कि गांव की भोली-भाली जनता पर जरदस्ती काला कानून थोपे जाने का पुरजोर विरोध किया जाएगा। इसको रोकने के लिए जन आंदोलन छेड़ने की चेतावनी दी गई। बैठक में स्वयं निदेशक के उपस्थित नहीं होने पर भी जमकर आक्रोश व्यक्त किया गया।
इस अवसर पर सतेंद्र धमांदा निवर्तमान ग्राम प्रधान हरिपुरकलां, उदिना नेगी खांडगांव, राखी गिरि प्रधान रायवाला, पूर्व ग्राम प्रधान सविता शर्मा, रविंद्र सिंह नेगी, विमला नेगी, पूर्व बीडीसी मनोज जखमोला, संत विनोद गिरि महाराज, पूर्व सैनिक संगठन अध्यक्ष शंकर दयाल धनै, इको समिति अध्यक्ष राजेश जुगलान, चंद्र सिंह नेगी, कपूर सिंह नेगी, विमला नेगी, राकेश नेगी, कुंवर सिंह नेगी, विकास डंगवाल, प्रेमलाल शर्मा, देवराज कुकरेती, विक्रम सिंह रावत, विनोद भट्ट, आनंदी भंडारी, सुंदरा देवी, शाशि शर्मा और रेंज अधिकारी एसएस नेगी आदि उपस्थित रहे।
आज चार गांवों के लोगों के साथ होगी बैठक
सोमवार को रायवाला क्षेत्र के तीन गांवों की जन सुनवाई बैठक बेनतीजा रहने के बाद मंगलवार को तीन अन्य गांवों के लोगों के साथ पार्क प्रशासन बैठक करेगा। इनमें साहबनगर, प्रतीतनगर, ठाकुरपुर और गौहरीमाफी शामिल हैं। हालांकि उक्त चारों गांवों के ग्रामीण भी उनके गांव के क्षेत्र को इको सेंसिटिव जोन घोषित करने का विरोध कर रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री निशंक तक पहुंचा मामला
रायवाला। रायवाला के कुछ क्षेत्र को इको सेंसिटिव जोन घोषित करने के विरोध में ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक को ज्ञापन सौंपा, और इको सेंसटिव जोन का लेकर होने वाली परेशानी से ज्ञापन सौंप कर अवगत कराया गया। इको विकास समिति अध्यक्ष राजेश जुगलान ने केंद्रीय मंत्री को उनकी लोकसभा क्षेत्र के करीब आठ गांवों की 50 हजार की आबादी को होने वाली परेशानी संबंधी अवगत कराया। राजेश जुगलान ने कहा कि बिना भौगोलिक परिस्थिति का अध्ययन किये जबरदस्ती नियम थोपा जा रहा है।