उत्तराखंड की चारधाम यात्रा प्रवेश द्वार यानि तीर्थनगरी में ही अव्यवस्थाओं के बीच संचालित होगी। यात्रा के लिए नगर क्षेत्र तो दूर संयुक्त यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में भी मुकम्मल तैयारियां नहीं हो सकी हैं।
बीटीसी परिसर में जगह जगह फैले अनधिकृत रूप से लगे खोखे, सड़कों पर संचालित गैराज और एप्रोच मार्गों पर पार्क वाहन अव्यवस्था की पोल खोल रहे हैं। लेकिन यात्रा की तैयारियों के तहत बैठकों का सिलसिला चलाने वालों का ध्यान इस ओर नहीं है। ऐसे में तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान तमाम अव्यवस्थाओं का सामना करना तय है।
पार्किंगों में खोखे, वाहन एप्रोच मार्गों पर
संयुक्त बस अड्डे पर बीटीसी परियोजना निर्माण से पहले से अनधिकृत रूप से संचालित खोखों का समाधान बस ट्रांजिट कंपाउंड बनने और उसके नगर पालिका ऋषिकेश प्रशासन को हस्तांतरित होने के बाद भी समाधान नहीं हो पाया है। लिहाजा बीटीसी में इस साल भी तीर्थयात्रियों को यातायात अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा।
यहां जिन स्थानों पर पार्किंग आवंटित की गई हैं, उनमें अनाधिकृत खोखे हैं। लिहाजा वाहनों को इधर-उधर पार्क करना मजबूरी है। अधिकांश वाहन बीटीसी के प्रवेश और निकासी रास्तों पर खड़े किए जा रहे हैं। जिनसे कैंपस में आने और यहां से चारधाम रवाना होने वाले वाहनों को जाम से जूझना पड़ेगा।
सड़कों पर सजे हैं गैराज
बीटीसी को आने-जाने और उसके आंतरिक मार्गों पर जगह जगह गैराज सजे हुए हैं। जिनमें बाकायदा वाहनों की मरम्मत का कार्य किया जा रहा है। इसके चलते कार्यशालाओं के आसपास वाहनों का जमावड़ा लगा रहता है और अक्सर जाम की समस्या उत्पन्न हो जाती है।
धूप में तपेंगे तीर्थयात्री
ऋषिकेश। करोड़ों के बस अड्डे में वाहनों का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए एक भी विश्राम शेड नहीं बनाया गया है। चारधाम, गढ़वाल मंडल के विभिन्न जनपदों और उत्तराखंड से अन्य प्रांतों को रवाना होने वाले यात्रियों को खुले आसमान के नीचे वाहनों का इंतजार करना पड़ता है। उन्हें ग्रीष्मकाल में गर्मी, उमस से परेशान होना पड़ता है, जबकि बरसात के दिनों में भीगना पड़ता है।
रेलिंग टूटी और हैंडपंप खराब
ऋषिकेश। बीटीसी परिसर में प्रवेश और निकासी मार्ग के बीचोंबीच और आसपास लगी रेलिंग कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हैं। लेकिन चारधाम यात्रा की चाक चौबंद व्यवस्था का दावा करने वालों को आज तक यह अव्यवस्था नजर नहीं आई। साथ ही रोडवेज बस अड्डे के समीप लगा हैंडपंप काफी समय से सूखा है, जिससे लोगों को प्यास बुझाने के लिए भटकना पड़ता है।
इनका कहना है
बीटीसी में लगे खोखों की सूची तहसील प्रशासन के साथ निकाय के संयुक्त निरीक्षण में फाइनल हो चुकी है। जिसे दुकानों के आवंटन की संस्तुति के लिए शासन को भेजा गया है। इसके बाद ही कैंपस में व्यवस्था में सुधार आ सकेगा। एप्रोच मार्गों पर अतिक्रमण से लोगों को दिक्कत नहीं हो, लिहाजा टीम भेजकर दिखवाया जा रहा है।
-दीप शर्मा, नगर पालिकाध्यक्ष, ऋषिकेश