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कृषि कानूनों के वापसी होने पर किसान उत्साहित

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डोईवाला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा करने पर डोईवाला में किसान आंदोलन से जुड़े लोगों ने खुशी जताई है। कहा कि किसानों के संघर्ष से कानूनों को रद्द कराने के लिए सरकार बाध्य हुई है।
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शुक्रवार की सुबह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने केंद्रीय कृषि कानूनों को रद्द करने की घोषणा करते हुए किसान आंदोलन से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल व्याप्त हो गया। किसानों ने एक दूसरे को बधाईयां देकर खुशी मनाई। कृषि कानूनों के खिलाफ डोईवाला के किसानों ने श्रृंखलाबद्ध होकर आंदोलन किया है। टोल बैरियर पर प्रदर्शन से लेकर रेल रोको आंदोलन डोईवाला में हुए है। संयुक्त किसान मोर्चा के अध्यक्ष ताजेन्द्र सिंह ने कहा कि आज का दिन किसानों के लिए बेहद सुखद है। किसान सभा के जिलाध्यक्ष दलजीत सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार जब तक संसद में कानून को रद्द नहीं करती है। तब तक इसे घोषणा ही कहा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के संघर्ष के आगे झुकने को विवश हो रही है। वरिष्ठ किसान गुरदीप सिंह, संयुक्त सचिव याकूब अली, बलबीर सिंह, उम्मेद वोरा, मोहित उनियाल, सागर मनवाल, हाजी अमीर हसन समेत तमाम किसानों ने कृषि कानून रद्द करने की घोषणा पर किसानों के संघर्ष से मिली जीत पर खुशी व्यक्त की है।
कृषि कानून रद्द होने पर आप ने जताई खुशी
ऋषिकेश। कृषि कानून रद्द होने पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने खुशी जताई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोगीवाला माफी स्तिथ गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद मिठाइयां वितरित कर जश्न मनाया। विधानसभा प्रभारी डॉ. राजे सिंह नेगी ने कहा कि देश के किसानों की मांगों एवं लंबे आंदोलन के आगे आखिरकार केंद्र सरकार को झुकना ही पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार की आंखें इस और जल्दी खुल जाती तो 700 किसानों की जान बचाई जा सकती थी। खुशी जताने वालों में दिनेश कुलियाल, गुरुप्रीत सिंह, चंद्रमोहन भट्ट, सुनील सेमवाल, लालमणि रतूड़ी, देवराज नेगी, जय प्रकाश भट्ट आदि थे।
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