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सावधान बुकिंग के नाम पर हो सकते हैं धोखाधड़ी के शिकार

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ऋषिकेश। योगनगरी में बड़ी संख्या में चारधाम यात्री और पर्यटक पहुंच रहे हैं। हाल यह है कि होटल और धर्मशालाओं में यात्रियों और पर्यटकों को कमरे नहीं मिल पा रहे। इसलिए पर्यटक एडवांस बुकिंग के साथ ऑनलाइन भुगतान भी कर रहे हैं। ऐसे में कई तीर्थयात्री और पर्यटक साइबर ठगी का शिकार होकर अपने रुपये गंवा देते हैं। होटल और धर्मशाला में कमरों की बुकिंग करते समय सतर्कता बहुत जरूरी है।
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चारधाम यात्रा के बीच साइबर ठग भी सक्रिय हो गए है। ऋषिकेश में बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने के चलते होटल और धर्मशालाएं पूरी तरह पैक चल रही है। एक कमरे के लिए तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को होटलों और धर्मशालाओं के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। असुविधा से बचने के लिए तीर्थयात्री और पर्यटक आनलाइन बुकिंग और भुगतान कर रहे हैं। होटल और धर्मशालाओं में कमरों की बुकिंग को लेकर तीर्थयात्रियों और पर्यटक ठगी का शिकार भी हो रहे हैं। शातिर साइबर ठग अलग अलग तरीकों से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। इसमें होटलों और धर्मशालाओं की फर्जी वेबसाइट और वेबसाइट को हैक कर छेड़छाड़ जैसे तरीके शामिल है। साइबर ठग होटलों और धर्मशालाओं की मिलती जुलती वेबसाइट बना रहे हैं। वहीं कुछ होटलों और धर्मशालाओं की वेबसाइट को साइबर ठग हैक कर उसमें फोन नंबर और बैंक खाते को बदल देते है। जब साइबर ठगों को बुकिंग के लिए फोन आता है तो वह कमरों की कमी का हवाला देकर ग्राहक को ऑनलाइन भुगतान के लिए मजबूर कर देते हैं। कोई ग्राहक पूरा तो कोई आधा भुगतान कर साइबर ठगों के जाल में फंस जाता है। ऋषिकेश में अब तक धर्मशालाओं की वेबसाइट में छेड़छाड़ कर ठगी को अंजाम देने के तीन मामले सामने आए हैं। इनमें से दो मामलों में तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने मुकदमा भी दर्ज किया है।
ऑनलाइन ठगी से ऐसे बचें
- अधिकृत वेबसाइट से ही बुकिंग करें।
- गूगल में वेबसाइट सर्च करने के बाद सबसे ऊपर नजर आने वाली वेबसाइट को ही अधिकृत वेबसाइट न मानें।
- बिना जांच परख के किसी भी वेबसाइट को खोलने से बचें, पहले संबंधित को लेकर पूरी जानकारी जुटा लें।
- ऐसे व्यक्ति की मदद भी लें सकते हैं, जिसने पहले होटल धर्मशालाओं में ऑनलाइन बुकिंग कराई हो।
- होटल में कमरा बुक करने के लिए आप नामचीन बुकिंग वेबसाइट की मदद भी ले सकते हैं।
- वेबसाइट को पूरी तरह से परखने के बाद ही पेमेंट करें।
- गूगल में सर्च करने पर पहले नजर आने वाले होटल और धर्मशाला की वेबसाइट को अधिकृत न मानें। अगर ऑनलाइन भुगतान कर रहे है तो वेबसाइट पर दर्ज फोन नंबर और बैंक अकाउंट नंबर की जांच होटल और धर्मशाला से फोन पर संपर्क कर जरूर करें। पूरी जांच पड़ताल के बाद ही भुगतान करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
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रवि सैनी, कोतवाल, ऋषिकेश
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