स्वर्गाश्रम में गंगा में संचालित बोट।
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स्वर्गाश्रम में बीते छह महीने से बंद बोट का संचालन शुरू हो गया है। नावघाट स्वर्गाश्रम और शत्रुघ्नघाट मुनिकीरेती में दोनों किनारे खड़ी बोट पर्यटकों का इंतजार कर रही हैं। अभी गिने चुने पर्यटक ही गंगा नदी में बोट का लुत्फ उठा रहे हैं। बोट का संचालन शुरू होने से स्थानीय लोगों और बोट संचालकों की उम्मीदें जगनी शुरू हो गई हैं।
बोट संचालक पवन कुमार ने बताया कि कोरोना के कारण बीते मार्च महीने से बोटें बंद हैं। जुलाई और अगस्त में गंगा का जलस्तर बढ़ने से बोट संचालित नहीं हुई, लेकिन अब गंगा नदी का जलस्तर कम हो गया है। जलस्तर कम होने से उन्होंने बोट का संचालन शुरू कर दिया है। अभी गिने चुने पर्यटक ही बोट में बैठ रहे हैं। भीड़भाड़ नहीं होने के कारण बोटें अभी खाली-खाली दौड़ रही हैं। अभी वही पर्यटक ही बोट का लाभ ले रहे हैं जिन्हें पैदल चलने में परेशानी हो रही है। बोटें एक दिन में करीब चार चक्कर लगा देती हैं। इस दौरान करीब पांच लीटर तेल खत्म हो जाता है। पर्यटक नहीं होने से अभी पेट्रोल का शुल्क ही वसूल नहीं हो पा रहा है। देखते हैं आगे क्या स्थिति रहती है।