एम्स में आई बैंक का शुभारंभ करते एम्स निदेशक डॉ. रविकांत
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अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में नेत्र बैंक का शुभारंभ निदेशक डॉ. रविकांत ने किया। उन्होंने कहा कि अब इच्छुक लोगों के नेत्रदान का संकल्प साकार हो सकेगा। कार्यक्रम में डॉ. रविकांत ने कहा कि वर्तमान समय में कार्निया अंधेपन की समस्या लगातार बढ़ रही है। इस समस्या का समाधान नेत्रदान के संकल्प से ही संभव है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में आई बैंक की भूमिका अहम हो जाती है। एक व्यक्ति के नेत्रदान के संकल्प से दो दृष्टिहीन लोगों को नेत्र ज्योति मिल जाती है।
सामाजिक संस्था द हंस फाउंडेशन व नेत्र संस्थान एलवी प्रसाद आई इंस्टीट्यूट हैदराबाद के सहयोग से स्थापित संस्थान के स्टेट ऑफ आर्ट नेत्र बैंक में एडवांस तकनीक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस मौके पर नेत्र विभाग के प्रोफेसर संजीव कुमार मित्तल ने बताया कि संस्थान के आई बैंक में स्लिप लैंप, स्पेक्यूलर माइक्रोस्कोप लेमिनार फ्लोहुड आदि आधुनिक सुविधा उपलब्ध हैं।
उन्होंने बताया कि संस्थान के लोगों को नेत्रदान को लेकर जागरूक करने के लिए अभियान चला रहा है। इसके तहत बृहस्पतिवार को पब्लिक लेक्चर आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर डीन एकेडमिक प्रो. मनोज गुप्ता, डॉ. केपीएस मलिक, आई बैंक की मेडिकल डायरेक्टर डॉ. नीति गुप्ता, डॉ. अजय अग्रवाल, डॉ. गीता नेगी, डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. बीएल चौधरी, डॉ. अनुपम, डॉ. रामानुज सामंता, अधिशासी अभियंता एनपी सिंह, एसओ पीएस राणा आदि उपस्थित थे।