- 14 गांवों के लोगों को मिल रही बैंकिंग सुविधा, एईपीएस से हर माह 300 से अधिक लेनदेन
- डाकघर में हर माह 4 लाख से अधिक का लेनदेन, 14 गांवों को मिल रहा लाभ
यमकेश्वर। वर्ष 1970 में शुरू हुआ बिनक डाकघर अब डिजिटल सेवाओं के माध्यम से ग्रामीणों के लिए बैंकिंग सुविधा का प्रमुख केंद्र बन गया है। पहले यहां चिट्ठियों, मनीऑर्डर और बचत खातों का काम होता था, लेकिन अब डिजिटल लेनदेन की सुविधा मिलने से क्षेत्र के पेंशनधारकों और स्थानीय लोगों को काफी राहत मिली है। बिनक डाकघर से बिनक सहित आसपास के 14 गांवों के लोग सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। इनमें मंगल्या गांव, गोदी, मागथा, बूंगा, बीरकाटल, डौंर, उमड़ा, पोखरखाल, पातली, कुकरेतीधार, फल्दाकोट तल्ला और फल्दाकोट मल्ला शामिल हैं। डिजिटल सुविधा के बाद ग्रामीण अब आठ किलोमीटर दूर दिउली बैंक जाने के बजाय डाकघर से ही लेनदेन कर रहे हैं। डाकघर में आधार इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (एईपीएस) सेवा से लोग निशुल्क धन निकासी कर रहे हैं। यहां हर माह 300 से अधिक आधार ट्रांजेक्शन हो रहे हैं। बिनक और आसपास के खाताधारक प्रतिमाह करीब चार लाख रुपये से अधिक का आहरण कर रहे हैं। एईपीएस के तहत एक आधार कार्ड से एक दिन में 10 हजार रुपये तक निकाले जा सकते हैं।
बिनक डाकघर के पोस्टमास्टर महिपाल सिंह रौथाण ने बताया कि वर्तमान में यहां बीमा संबंधित डाक, सरकारी डाक, एटीएम, पैन कार्ड और आधार कार्ड से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि पहले ग्रामीणों को पेंशन निकालने के लिए दिउली बैंक जाना पड़ता था, जहां भीड़, नेटवर्क और सर्वर की समस्या के कारण कई बार उन्हें परेशानी होती थी। अब डाकघर में ही सुविधा मिलने से लोगों को राहत मिली है।
उन्होंने बताया कि बिनक डाकघर में 100 से अधिक पेंशन खाते, सुकन्या समृद्धि योजना के 200 से अधिक खाते, 500 से ज्यादा बचत खाते, 200 से अधिक एफडी और 250 आरडी खाते संचालित हैं। इसके अलावा यहां पेंशन सत्यापन और ऑनलाइन ई-केवाईसी की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।