कहते हैं, कर्म तेरा अच्छा है तो किस्मत तेरी दासी है, नियत तेरी अच्छी है तो दिल में मथुरा और काशी है। उक्त पंक्ति को चरितार्थ कर रही हैं तीर्थनगरी की अनीता शर्मा उर्फ भैरवी। कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त होने के बावजूद भैरवी बेजुबान जानवरों की निस्वार्थ भाव से सेवा कर रही हैं।
बीस बीघा बापूग्राम निवासी अनीता शर्मा बीते ढाई दशक से जानवरों की सेवा में लगी हैं। गली-मोहल्लों में घूमने पर जानवरों को तड़पता देख उन्हें भी दर्द होता है और वह उन्हें घर ले आती हैं। अभी तक अनीता के पास 14 कुत्ते, पांच बिल्लियां, एक चूहा और एक तोता है। जिनकी वह आज भी सेवा कर रही हैं।
लेकिन, कुदरत को कुछ और ही मंजूर हैष बेजुबानों का दर्द बांटने वाली अनीता आज खुद कैंसर से जूझ रही हैं।
बकौल शर्मा अक्तूबर 2015 में उनके कान के नीचे एक छोटी गांठ बन गई थी। कई जगह उपचार के बाद उन्हें जनवरी में पता चला की गांठ ने कैंसर का रूप ले लिया है। इसके ऑपरेशन के लिए उन्हें करीब पांच लाख रुपये की जरूरत है। रुपये की व्यवस्था हुई तो अप्रैल में दून के मैक्स अस्पताल में उनका ऑपरेशन होगा। ऑपरेशन सफल रहा तो आने वाली जिंदगी भी वह बेजुबानों की सेवा में गुजार देंगी। हाल ही में उनके स्वास्थ्य में काफी गिरावट आ गई है।
संस्थाओं से ले रही मदद
अनीता शर्मा ने बताया कि वह अपने ऑपरेशन के लिए कई संस्थाओं से आर्थिक मदद मांग चुुकी हैं। लेकिन कोई भी संस्था उनकी मदद के लिए अब तक आगे नहीं आई है। पैसों की व्यवस्था होती है, तभी ऑपरेशन होगा।
दुआ करना सफल रहे ऑपरेशन
बेजुबान जानवरों की मदद करते-करते अनीता शर्मा अपने चाहने वालों से ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए दुआ मांग रही हैं। शर्मा ने बताया कि दुआ वही लोग करें जो मेरे द्वारा की जा रही निराश्रित जानवरों की सेवाभाव से खुश हैं।