- गणपति बप्पा के जयकारों से गूंजा ऋषिकेश, विराजे गणपति बप्पा
- छठे गणेश महोत्सव का भव्य शुभारंभ, जागर सम्राट प्रीतम भारतवाण के भजनों पर झूमे श्रद्धालु
ऋषिकेश। ढोल-नगाड़ों, भक्ति संगीत और गणपति बप्पा मोरया के जयघोष के बीच ऋषिकेश में सोमवार को छठे गणेश महोत्सव का भव्य शुभारंभ किया गया। श्री गणपति सेवा मंडल की ओर से हरिद्वार रोड स्थित बैंक्वेट हॉल में शुरू हुए तीन दिवसीय महोत्सव के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे आयोजन स्थल पर सुबह से ही भक्तिमय माहौल बना रहा।
विश्व हिंदू महासंघ व श्री गणपति सेवा मंडल, ऋषिकेश की संयुक्त पहल पर आयोजित महोत्सव का उद्घाटन उत्तराखंड के पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण, मेयर शंभू पासवान और पूर्व मेयर अनीता ममगाईं ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। महोत्सव के पहले दिन भगवान गणपति की प्रतिमा की विधिवत स्थापना की गई। मंत्रोच्चार और पूजा-अर्चना के बीच जैसे ही गणपति की आरती हुई, श्रद्धालुओं ने जयकारों से पूरा परिसर गुंजायमान कर दिया। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों में सहभागिता करते हुए भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त किया। आयोजक मंडल के केके सचदेवा ने बताया कि गणेश महोत्सव का आयोजन 14 से 16 सितंबर तक किया जा रहा है। इस दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के साथ विभिन्न भजन संध्याओं का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने कहा कि महोत्सव का उद्देश्य सनातन धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ ही समाज में आपसी भाईचारा, सद्भाव और एकजुटता की भावना को मजबूत करना है।
प्रीतम भारतवाण के जागरों ने बांधा समां
महोत्सव के पहले दिन मुख्य आकर्षण पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भारतवाण की भजन एवं जागर प्रस्तुति रही। उनके पारंपरिक जागरों और भक्ति संगीत ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। भरतवाण ने जागरों के अलावा अन्य लोकगीतों की भी एक के बाद एक शानदार प्रस्तुतियां दी। भक्ति गीतों और जागरों के बीच पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहा। लोग देर शाम तक जागर और लोकगीतों पर झूमते रहे। इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण, ललित जिंदल, सुधीर राय, रामकुमार सांगर, अनिल रावत, हितेंद्र पंवार, योगेश कालड़ा, आलोक चावला, डॉ. राजेश मनचंदा, जितेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।