ठगी के आरोप में फंसे योगी प्रियव्रत अनिमेष की बीजापुर स्थित अतिथि गृह में किसने एंट्री कराई और कौन लोग हैं जिन्होंने एक विवादित बाबा की पुस्तक का विमोचन मुख्यमंत्री से करा दिया। इन सभी पहलुओं की जांच शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय यह जांच कर रहा है। अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) आनंद बर्द्धन ने मामले की जांच कराए जाने की पुष्टि की है।
बीती नौ जुलाई को जब मुख्यमंत्री बीजापुर अतिथि गृह में थे, उस दौरान वहां योगी प्रियव्रत अनिमेष की एंट्री कराई गई। मुख्यमंत्री से बाबा की आध्यात्म एवं नैतिक आख्यानों पर आधारित एक पुस्तक मानस मोती का विमोचन कराया गया।
इसके कुछ दिन बाद रविवार को बाबा के खिलाफ ऋषिकेश कोतवाली में ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ। यह खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय भी सकते में आ गया। सूत्रों के मुताबिक, अब मुख्यमंत्री कार्यालय के स्तर पर उन लोगों की तलाश शुरू हो गई है जिन्होंने अनिमेष की मुख्यमंत्री तक एंट्री कराई। अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि मामला गंभीर है और इस मामले के सभी पहलुओं की पड़ताल करा रहे हैं।