फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चरक नहीं, भालू कर रहा मवेशियों का शिकार

Mon, 18 Jan 2016 01:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/ऋषिकेश
विज्ञापन
विज्ञापन
लैंसडौन वन प्रभाग के अंतर्गत यमकेश्वर ब्लॉक में करीब डेढ़ दर्जन मवेशियों को अपना निवाला बना चुके रहस्यमयी जंगली जानवर का आखिरकार पता चल गया है। लालढांग रेंज की टीम ने घटनाओं की जांच के बाद बताया कि लगातार मवेशियों पर हमला करने वाला जंगली जानवर चरक नहीं नर भालू है।
विज्ञापन


जांच दल ने बताया कि वह पौष्टिक आहार के लिए मवेशियों के कंधे के पास उभरे हुए भाग गुंबद को खाने के लिए लगातार उन पर हमले कर रहा है। बीते शुक्रवार रात ग्राम पंचायत सिंदूड़ी के खंडग्राम ओखली में हमलावर जानवर के शिकार हुए तीन मवेशियों के बाद विभाग ने घटना स्थल के आसपास के क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी थी।

शनिवार देर शाम करीब साढ़े सात बजे वनकर्मियों को सिंदूड़ी के बैरागढ़ तोक के आसपास जंगल में नर भालू की सक्रियता दिखी। इस पर टीम ने करीब पांच राउंड हवाई फायर किए। इसके बाद भालू जंगल की ओर भाग निकला। वन प्रभाग की लालढांग रेंज अधिकारी रमेश चंद भारती ने बताया कि वह टीम समेत शनिवार रात ग्राम पंचायत सिंदूड़ी के खंड ग्राम ओखली में मौजूद रहे। इस दौरान उन्हें आसपास भालू की सक्रियता दिखाई दी।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि मौके पर जांच में पता चला है कि प्रखंड के तमाम गांवों में मवेशियों पर हमला करने वाला जानवर चरक नहीं है। नर भालू ही मवेशियों का शिकार कर रहा है। बताया कि नर भालू ही इस प्रकार के हमले करता है, जो पौष्टिक आहार के लिए केवल मवेशियों के उभरे हुए गुंबद को खाता है। जांच में पता चला है कि अब तक क्षेत्र में जितने भी मवेशी मारे गए हैं, सभी के कंधे के पास उभरे हुए गुंबद वाले भाग को ही हमलावर जानवर ने खाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें