मध्य राजस्थान में देश के सबसे बड़े 10 हजार मेगावाट के सोलर प्लांट का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (टीएचडीसीआईएल) और राजस्थान अक्षय ऊर्जा लिमिटेड (आरआरईसीएल) ने संयुक्त रूप से प्लांट निर्माण के लिए राजस्थान सरकार के साथ समझौता किया है। सोलर पार्क में अन्य वैकल्पिक ऊर्जा से जुड़ी योजनाओं से परियोजना को विस्तार देने के टीएचडीसीआईएल के सुझाव को भी आरआरईसीएल के प्रबंध निदेशक डॉ. सुबोध अग्रवाल ने हरी झंडी दी है।
शुक्रवार को श्यामपुर बाईपास स्थित टीएचडीसीआईएल के रसमंजरी सभागार में आरआरईसीएल के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डॉ. सुबोध अग्रवाल और टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई की मौजूदगी में मध्य राजस्थान में 10 हजार मेगावाट के अल्ट्रा मेगा ऊर्जा पार्क की स्थापना को लेकर टीएचडीसीआईएल और आरआरईसीएल के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि राजस्थान में सौर ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावना है। उन्होंने कहा कि जल्द ही राजस्थान के रेगिस्तान में सौर ऊर्जा पार्क स्थापित कर अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में देशभर में मॉडल प्रस्तुत किया जाएगा। टीएचडीसीआईएल के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक ने बताया कि टीएचडीसीआईएल और आरआरईसीएल ऊर्जा पार्क निर्माण के लिए एक संयुक्त उद्यम कंपनी का गठन करेगी, जिसमें दो निदेशक और एक पूर्णकालिक सीईओ की तैनाती की जाएगी।
अगले पांच साल में पार्क का निर्माण कर परियोजना का संचालित कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह राजस्थान सरकार और आरआरईसीएल को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि सौर ऊर्जा के क्षेत्र दोनों उपक्रम मिलकर मिसाल कायम करेंगे। आरके विश्नोई ने आरआरईसीएल के प्रबंध निदेशक को सोलर पार्क में पवन ऊर्जा, पंप स्टोरेज, बैटरी स्टोरेज, हाइब्रिड प्लांट और ग्रीन हाइड्रोजन जैसी योजनाओं को विस्तार देने का सुझाव दिया।
इस पर आरआईसीएल के प्रबंध निदेशक ने सहमति दी। कार्यक्रम में अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक (वित्त) टीएचडीसीआईएल जे. बहेरा, संजय खेर महाप्रबंधक (हाइब्रिड एनर्जी बिजनेस), निदेशक आरआरईसीएल (तकनीकी) सुनित माथुर, अपर महाप्रबंधक कारपोरेट संचार एएन त्रिपाठी और सीनियर पीआरओ टीएचडीसीआईएल गौरव कुमार आदि उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री के लक्ष्य को करेंगे पूरा
टीएचडीसीआईएल ने अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक आरके विश्नोई ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 350 गीगा वाट अक्षय ऊर्जा का उत्पादन के लक्ष्य को पूरा करने के बड़े अक्षय ऊर्जा पार्क विकसित करने की आवश्यकता है। राजस्थान सरकार ने इस ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने आने वाले कुछ वर्षों में लक्ष्य को निश्चित रूप से हासिल कर लिया जाएगा।