सीआरपीएफ के जवान के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजली अर्पित करती जिला पंचायत सदस्य आरती गौड़।
- फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। शरहद की जंग जीतने के बाद हवलदार सुखवीर सिंह बिष्ट (45) जिंदगी की जंग हार हार गए। राजकीय सम्मान के साथ सैनिक के पार्थिव शरीर को उनके पैतृक घाट गौहरी लाया गया। जहां नम आंखों से परिजनों और ग्रामीणों ने सैनिक को अंतिम विदाई दी।
यमकेश्वर ब्लॉक अंतर्गत मल्ला बनास गांव निवासी सुखवीर सिंह बिष्ट सीआरपीएफ में हवलदार पद पर तैनात थे। वर्ष 2016 पंथाचौक जम्मू कश्मीर में आतंकी हमले में चार गोली लगने से वे जख्मी हो गए थे। तब से उनका उपचार चल रहा था। बीते 20 जून को गुरुग्राम के अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार को सीआरपीएफ के जवानों की टीम राजकीय सम्मान के साथ उनके पार्थिव शरीर को गंगा भोगपुर स्थित गोहरी घाट लाए। जवान के बेटे सूरज बिष्ट ने पिता की चिता को मुखाग्नि दी। जवान की मौत से गांव में मातम छाया हुआ है।
मल्ला बनास के प्रधान बचन सिंह बिष्ट ने बताया कि वर्ष 2016 में जवान आंतकी हमले से घायल हो गया था। सीआरपीएफ अस्तपाल में जवान का उपचार चलने के बाद जवान को रामपुर कार्यालय में ड्यूटी मिल गई थी। लेकिन शरीर में इंनफेक्शन होने के कारण वर्ष 2020 से जवान का उपचार गुरुग्राम अस्पताल में चल रहा था। बीते रविवार को उनका निधन हो गया। शहीद जवान अपने पीछे पत्नी, दो बेटी और एक बेटे को रोता बिलखता छोड़ गए। जवान की अंत्येष्टि में गोहरी घाट पर यमकेश्वर जेष्ठ प्रमुख दिनेश भट्ट, जिला पंचायत सदस्य उमरोली आरती गौड के अलावा धनवीर सिंह बष्टि, महावीर बिष्ट, प्रवीण बिष्ट, दिलावर बिष्ट, हुकुम बिष्ट, अर्जुुन, प्रकाश, रविंद्र आदि शामिल थे।
गोहरीघाट पर राजकीय सम्मान के साथ सीआरपीएफ के जवान को गार्ड ऑफ ऑर्नर देते सीआरपीएफ के जवान।- फोटो : RISHIKESH