अधिवक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार एडवोकेटस एमिडमेंट एक्ट बिल में अधिवक्ताओं के हितों के खिलाफ संशोधन करने की योजना बना रही है। उत्तराखंड सरकार की ओर से लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में विवाह पंजीकरण, उत्तराधिकार अधिनियम एवं वसीयत का पंजीकरण करने में अधिवक्ताओं को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
बार एसोसिएशन ऋषिकेश ने यूसीसी के कई प्रावधानों, रजिस्ट्री की ऑनलाइन प्रक्रिया और केंद्र सरकार के एडवोकेटस एमडिमेंट एक्ट बिल के विरोध में प्रदर्शन किया। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि अधिवक्ता हितों के खिलाफ होने वाले काम स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
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मंगलवार को बार एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें अधिवक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार एडवोकेटस एमिडमेंट एक्ट बिल में अधिवक्ताओं के हितों के खिलाफ संशोधन करने की योजना बना रही है। उत्तराखंड सरकार की ओर से लागू समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में विवाह पंजीकरण, उत्तराधिकार अधिनियम एवं वसीयत का पंजीकरण करने में अधिवक्ताओं को इस प्रक्रिया से बाहर रखा गया है।
रजिस्ट्री की पेपरलेस और ऑनलाइन करने की सरकार की योजना है, जो अधिवक्ताओं के हितों के खिलाफ है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह सजवाण, महासचिव शैलेंद्र सेमवाल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में धरना प्रदर्शन कर आक्रोश जताया।
एसोसिएशन के राजेंद्र सिंह सजवाण ने कहा कि अधिवक्ताओं के हितों की हर हाल में रक्षा की जाएगी। जो संशोधन लागू किए गए हैं या जिन्हें लाने की तैयारी है उससे अधिवक्ताओं को बाहर रखने से भविष्य में आम लोगों के सामने कई जटिलताएं आएंगी। अधिवक्ता हितों के साथ ही यह लड़ाई आम आदमी के लिए भी लड़ी जा रही है। इस मौके पर कमलेश कुमार, अंजू, प्रदीप ठाकुर, पीडी त्यागी, जय सिंह रावत, राम अवतार, खुशाल सिंह, प्रदीप वर्मा, सूरत सिंह रौतेला, रोहित गुप्ता, डीडी कुलियाल आदि मौजूद रहे।