सीसीटीवी फुटेज और चप्पल से हुआ खुलासा
मामले में खुलासे में सीसीटीवी फुटेज और चप्पल महत्वपूर्ण साबित हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि मामला पूरी तरह ब्लाइंड था। आरोपी व मृतक के बीच कोई विशेष संबंध नहीं था। घटना के बाद विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना स्थल के समीपवर्ती 75 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। सीसीटीवी कैमरे में घटना से कुछ समय पूर्व मृतक एक युवक के साथ चंद्रभागा नदी की ओर जाते हुए दिखा। घटना के बाद वहीं युवक एक पैर में चप्पल व एक पैर में मृतक का सैंडल पहने हुए दिखा। जिस पर पुलिस का शक युवक के हत्यारा होने का पुख्ता हुआ। क्योंकि घटना के दिन शव के समीप एक चप्पल और एक सैंडल पड़ा हुआ था। जिस पर आशंका जताई गई थी कि हत्यारा अपना एक चप्पल और मृतक की सैंडल पहन कर फरार हो गया।
पुलिस टीम पर इनामों की बौछार
पुलिस टीम की सफलता पर एसएसपी टिहरी आयुष अग्रवाल ने विवेचना टीम को 20 हजार के पुरस्कार की घोषणा की है। एसएसपी अग्रवाल ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए सभी टीमों ने बेहतर समन्वय के साथ काम किया। जिससे के कम समय के घटना का खुलासा हो गया। आरोपी नेपाल भागने की फिराक में था, यदि मामले में देरी होती तो आरोपी भाग सकता था। वहीं पूर्व पालिका अध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने भी पुलिस की इस सफलता पर पुलिस टीम को 51 हजार का चेक प्रदान किया। हालांकि पुलिस ने उक्त चैक को लेेने में असमर्थता जताई। पूर्व पालिका अध्यक्ष रतूड़ी ने कहा कि पुलिस टीम ने दिन रात मेहनत कर मामले का खुलासा किया है। यह पुरस्कार उनके हक का है। इस राशि को पुलिस टीम के मनोबल बढाए जाने संबधी कार्यों पर खर्च किया जाएगा।
मकान मालिक पर हो सकती है कार्रवाई
एसएसपी आयुष अग्रवाल ने कहा कि यदि मकान मालिक ने विकास और उसके फूफा का सत्यापन नहीं कराया होगा, तो मकान मालिक पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की जांच के दौरान पुलिस टीम ने आस-पास के लोगों व झुग्गी झोपड़ी में निवास करने वाले व्यक्तियों का सत्यापन की कार्रवाई भी की।