ब्यूरो/अमर उजाला
ऋषिकेश। चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति ने सात सूत्री मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। समिति के सदस्यों ने ज्ञापन के जरिये मांगों पर शीघ्र निस्तारण की मांग की है।
बुधवार को समिति के अध्यक्ष डॉ. आशुतोष डंगवाल के नेतृत्व में सदस्य उप जिलाधिकारी से मिले। उन्होंने ज्ञापन देते हुए वर्ष 1994 के रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में चल रहे वाद में वरिष्ठ अधिवक्ता नियुक्त किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य की रोडवेज बसों में आंदोलनकारियों को आरक्षण दिया जाए। साथ ही राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण को बनाया जाए। इस दौरान सावित्री नेगी, देवी प्रसाद व्यास, मीना नौटियाल, मधु डबराल, पार्वती रतूड़ी, विमला रावत, जेपी पांडेय, सुखदेवी रावत, बलदेव, सुखदेव, बैशाख सिंह नेगी, रमेश चंद, भगत सिंह आदि उपस्थित रहे।
वहीं उत्तराखंड राज्य संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष वेद प्रकाश शर्मा की अध्यक्षता में उपजिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों को उत्तराखंड निर्माण सेनानी घोषित करने, समान पेंशन देने, सभी शासनादेशों को वैधानिक रूप देने और उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों को पिछड़ा क्षेत्र घोषित करने की मांग की। इस दौरान समिति के सदस्यों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन करने वालों में पुष्पा पंत, रमा रावत, जशोदा राणा, गुलाबी राणा, देवेश डोभाल, सुमित्रा कपरूवान, दमयंती कंडवाल, गिरधारी लाल नैथानी, लक्ष्मी कंडवाल, शांति तड़ियाल आदि उपस्थित रहे।