ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। अमर उजाला फाउंडेशन और लायंस क्लब ऋषिकेश देवभूमि की ओर से हिमालय अस्पताल और एम्स ऋषिकेश के ब्लड बैंक के सहयोग से बृहस्पतिवार को स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 109 लोगों ने रक्तदान किया। शिविर में कई नौजवान पहली बार रक्तदान करने पहुंचे। नगर निगम परिसर स्थित स्व. इंद्रमणि बडोनी सभागार में आयोजित शिविर का शुभारंभ मेयर अनिता ममगाईं ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि रक्तदान की कीमत का अहसास तब होता है, जब उसे अपने परिवार के किसी सदस्य की जान बचाने के लिए रक्त की जरूरत पड़ती है। उन्होंने कहा कि रक्तदान का महत्व महादानों में से एक है। उन्होंने शिविर के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ चढ़कर दूसरों के जीवन की सुरक्षा को रक्तदान करने का आह्वान किया।
स्व. गोविंद लाल नारंग की स्मृति में आयोजित रक्तदान शिविर में क्लब के चार्टर अध्यक्ष गोपाल नारंग ने बताया कि स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 109 लोगों ने रक्तदान किया। इसमें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश की टीम ने 47 लोगों तथा हिमालयन अस्पताल की टीम ने 62 लोगों को रक्तदान कराया। राजकीय ऑटोनामस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एनपी माहेश्वरी ने कहा कि रक्तदान करने से किसी भी प्रकार की कोई कमजोरी नहीं होती है। वह प्रत्येक वर्ष रक्त दान करते हैं। उन्होंने कॉलेज के एमएलटी विभाग से पहुंचे छात्रों को रक्तदान के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि रक्तदान करने से खून का थक्का नहीं बनता है। इससे रक्त का संचार होता है और सबसे बड़ी बात यह है कि रक्तदान करने से किसी जरूरतमंद की जान बचाई जा सकती है। कार्यक्रम कें अंत में कार्यक्रम संयोजक विनय भाटिया ने सभी का धन्यवाद किया।
इस अवसर पर देवभूमि उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार अग्रवाल, ऋषिकेश डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन नारंग, लायंस क्लब ऋषिकेश रॉयल के अध्यक्ष अतुल जैन, चंद्रवीर पोखरियाल, राजेश, मानव जौहर, अभिनव गोयल, नवदीप नागलिया, नवल कपूर, राजीव अरोड़ा, रामशरण चावला, राकेश रावल, भारत भूषण रावल, जगदीश चिचरा, हिमांशु आदि उपस्थित रहे।
चिकित्सकों की यह टीम रही मौजूद
रक्तदान कराने के लिए एम्स और हिमालयन अस्पताल के चिकित्सकों की टीम पहुंची। एम्स से आए चिकित्सकों के दल में डॉ. मनीष रतूड़ी, डॉ. ईश्वर प्रसाद, वरुण, मोहन भट्ट, सुरेंद्र सिंह भंडारी, हिमांशु, रिता शामिल रहे। जबकि हिमालय अस्पताल से डॉ. गरिमा पाठक, डॉ. आशीष जैन, हेमंती, आदित्य वीर सहरावत, सुभाष क्षेत्री, केसी जोशी, विजेंद्र सिंह बिष्ट, सतीश पाल, नरेश चिकित्सक मौजूद रहे।
परिचर्चा-
पहली बार रक्तदान को युवाओं में दिखा उत्साह
रक्तदान करने से पहले मुझे डर लग रहा था, लेकिन अब मैं बहुत खुश हूं। मेरे रक्त से किसी की जिंदगी बचेगी। मैं आगे भी समय-समय पर रक्त देती रहूंगी।
- शिवानी लेखवार्ड
पहली दफा रक्त देकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं अब सबको जाकर रक्तदान करने के लिए प्रेरित करूंगी। इसे सभी को देना चाहिए। हम रक्तदान करके किसी की जान बचा सकते हैं।
- सुभांगी गौड़
जागरुकता के अभाव में लोग रक्तदान करने से कतराते हैं, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं है। रक्तदान करने से शरीर में कोई भी किसी भी प्रकार की कमी नहीं आती है।
- मीली राणा
पहली बार रक्तदान किया है। मुझे गर्व हो रहा है कि मेरा रक्त किसी जरूरतमंद की जान बचाने के काम आएगा। रक्तदान आगे भी करना चाहूंगी।
- वैष्णवी तिवारी