ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। विस्थापित क्षेत्र के कृष्णानगर के लोगों की गुहार आखिरकार सुन ली गई है। लोगों को अब जन्म-मृत्यु, आय और अन्य बुनियादी प्रमाणपत्रों को बनवाने के लिए दफ्तरों में चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। जिला प्रशासन की ओर से शुक्रवार को पत्र जारी कर निर्देश दिया गया है कि निगम में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों को सीआर साफ्टवेयर में जोड़ा जाए। इस प्रक्रिया के बाद विस्थापित क्षेत्र के लोगों का प्रमाणपत्र निगम से बनने लगेगा।
ऋषिकेश नगर निगम बनने के बाद कुल 40 वार्डों का गठन हुआ था। इनमें से 20 ग्राम सभाओं (आईडीपीएल) को भी शामिल किया गया। यहां रहने वाले लोगों को न तो तहसील में तवज्जो मिल रही थी और न ही निगम प्रशासन अधिकारिक रूप से अपने क्षेत्राधिकार में मान रहा था। ऐसे में ग्राम सभाओं के लोग मृत्यु-जन्म और आय प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेज बनवाने के लिए परेशान होना पड़ रहा था। अमर उजाला ने इस मामले में 25 फरवरी को प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
खबर प्रकाशित होने के बाद जिला प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए शुक्रवार को आदेश पत्र जारी किया। डीएम एसए मुरुगेशन की ओर से जारी पत्र में निर्देश दिया गया है कि ग्राम सभाओं को सीआर साफ्टवेयर से जल्द जोड़ें जिससे नए परिसीमन के बाद वार्डों का प्रथक यूजर आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराया जा सके।