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आतंकियों को उनकी जुबान में सबक सिखाना जरूरी

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। झुकना कमजोरी नहीं है लेकिन ये नाजुक जज्बा सामने वाले की भी समझ में आना चाहिए। जो पाक परस्त आतंकी हमारी शराफत को कमजोरी समझ बैठे हैं उन्हें उनकी जुबान में सबक देना जरूरी हो गया है। पूरे मुल्क की ओर से अपने लहजे में कहना चाहता हूं कि...है निस्बत (लगाव) हिंद से हमको, वतन के हम हैं रखवाले, जहां भी जाएं हम हैदर, तिरंगा साथ रखते हैं। ये बात दुबई से आए मशहूर शायर हैदर अमान हैदर ने कही। वे आतंकी घटना में शहीद मेजर चित्रेश बिष्ट और मेजर विभूति ढौंडियाल के परिजनों से मिलने पहुंचे थे।
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देहरादून जाते समय उन्होंने ऋषिकेश में मां गंगा का भी आशीर्वाद लिया। शायर हैदर ने इस दौरान बड़ी बेबाकी से कई नाजुक मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में जो अल्प संख्यक और बहुमत का संकल्पना लोगों के जेहन में बना हुआ है वह बेमानी है। हिंदुस्तान में रहने वाला हर व्यक्ति सिर्फ हिंदुस्तानी है। उन्होंने कहा कि हमें राजनीति से कोई मतलब नहीं है, हमारी जवाबदेही सिर्फ देश के प्रति है। हैदर ने कहा... हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई, तिरंगे नीचे सारे हिंदी, ये तो अपनी जान है साहब, हैदर पढ़ता दुनिया भर में...पर घर तो हिंदुस्तान है साहब।

शहीदों का कर्ज कोई नहीं उतार सकता
हैदर अमान हैदर ने कहा कि शहीदों ने जो योगदान देश को दिया है उसका कर्ज तो कोई उतार ही नहीं सकता। बस मैं इतना ही भरोसा दिलाता हूं कि सैनिकों और उनके परिजनों के लिए मैं हमेशा तत्पर रहूंगा। बस एक इशारे की देर होगी और मैं देश के सपूतों की सेवा में हाजिर मिलूंगा। उन्होंने बताया कि बृहस्पतिवार को शहीद चित्रेश बिष्ट और विभूति ढौंडियाल के परिजनों से मुलाकात के दौरान यही भरोसा दिलाया है। हैदर ने बताया कि मुशायरों के बाबत दुुनिया में घूमने का मौका मिलता है। इस दौरान मैं हमेशा अपने सीने पर तिरंगे को लगाकर रखता हूं। इस बात का मुझे बेहद फख्र है कि मैं हिंदुस्तानी हूं।
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