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लोकभाषाओं के संरक्षण को आगे आए बुद्धिजीवी वर्ग

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ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। उड़ान स्कूल मायाकुंड में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित कर स्कूली बच्चों को मातृभाषा के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। इसमें लोक भाषा गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी के संरक्षण पर जोर दिया गया। कार्यक्रम में लोक गायक धूम सिंह रावत ने बताया कि वर्ष 2009 में जारी यूनेस्को की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड राज्य की गढ़वाली कुमाऊंनी और जौनसारी बोली खतरे में है। इसलिए इन लोक भाषाओं के संरक्षण को सभी बुद्धिजीवी वर्ग को आगे आना होगा।
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स्कूल के निदेशक डॉ. राजे नेगी ने कहा कि पिछले लंबे समय से लगातार केंद्र सरकार से लोग भाषा गढ़वाली कुमाऊंनी को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की जा रही है। साथ ही राज्य सरकार से भी प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों कॉलेजों में लोक भाषा पढ़ाई जाने की मांग की जा रही है। इस मौके पर स्कूल के आरबी डंगवाल, कमल सिंह राणा, उत्तम सिंह असवाल, रवि कुकरेती, रमेश मेघवाल, शिक्षिका प्रिया क्षेत्री, मीनाक्षी राना, दीपा सेमवाल, कंचन नेगी प्रतिभा रावत आदि मौजूद रहे।
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