ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। राज्य निर्माण के समय जिन मुद्दों को लेकर आंदोलनकारियों ने लड़ाई लड़ी थी, वह आज विफल होती दिख रही है। 18 वर्ष बीत जाने के बाद भी समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका। आलम यह है कि आज घर-घर गंगाजल के बजाए मदिरा को पहुंचाने का कार्य राज्य सरकार कर रही हैं। साथ ही पहाड़ से जा चुके लोगों की जमीनों को माफियाओं के देने की तैयारी चल रही है। यह आरोप उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने जीएमवीएन में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस के दौरान लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य स्थापना के 18 वर्ष बाद भी विकास के क्षेत्र में सबसे पिछड़ा राज्य उत्तराखंड ही है। आरोप लगाया कि यहां के तीन हजार स्कूलों में शिक्षक न होने के कारण ताले लग चुके हैं। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से हाल ही में संपन्न हुई सेमेस्टर मीट की कड़ी आलोचना की। कहा पहाड़ों से बेरोजगारी के कारण पलायन हो रहा है और राज्य सरकार उन खाली जगहों पर विदेशियों बसाने की तैयारी कर रही है। सरकार पूरे पहाड़ को शराब में डुबो रही है। राज्य में जगह-जगह ठेके खुलवा कर युवा पीढ़ी का भविष्य चौपट किया जा रहा है। 18 को देंगे विधानसभा के बाहर धरना
उक्रांद अध्यक्ष ने कहा कि 18 फरवरी को उक्रांद कार्यकर्ता विधानसभा के बाहर धरना देकर गांव बसाओ, राज्य बचाओ की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि आगामी 23 फरवरी से राज्य के सभी कार्यकर्ता राज्य बचाने के लिए जन जागरुकता अभियान चलाएंगे, यह अभियान एक मार्च तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश महामंत्री उक्रांद जय प्रकाश उपाध्याय, नगर अध्यक्ष सन्नी भट्ट, लतापत्त हुसैन, राकेश शर्मा, मोहित डोभाल, आशीष भट्ट, समीर मुखर्जी आदि उपस्थित रहे।