ब्यूरो/अमर उजाला, मुनिकीरेती। संस्कृत छात्र सेवा समिति ने संस्कृत विद्यालयों में प्रबंधकीय शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति नहीं होने पर सभी विद्यालयों में तालाबंदी की चेतावनी दी है। वर्तमान में प्रदेश में करीब 98 संस्कृत विद्यालयों में लगभग 219 शिक्षक अस्थायी रूप से कार्यरत हैं। मंगलवार को मुनिकीरेती स्थित ओंकारानंद पुस्तकालय में समिति के प्रदेश संयोजक पुरुषोत्तम कोठारी ने कहा कि संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों ने नियमितीकरण को लेकर संस्कृत शिक्षा निदेशालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है।
यदि प्रदेश सरकार संस्कृत शिक्षकों की मांग पूरी नहीं करती है तो सभी संस्कृत विद्यालयों में तालाबंदी की जाएगी। शिक्षकों के नियमितीकरण नहीं होने से संस्कृत विद्यालयों में पठन पाठन का कार्य प्रभावित हो रहा है। प्रदेश के करीब 98 संस्कृत विद्यालयों में लगभग 219 शिक्षक कामचलाऊ व्यवस्था के तहत कार्य कर रहे हैं। इससे पहले भी सरकार से कई बार संस्कृत विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की गई थी लेकिन आज तक शासन ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। बैठक में सूरज विजल्वाण, सुरेश पंत, सर्वेश तिवारी, विश्वजीत बहुगुणा, अंकित उनियाल, विजेंद्र गौड़, राकेश नौटियाल, देवेंद्र भट्ट, विनोद नौटियाल आदि मौजूद रहे।