फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उजाड़ हो चुकी रेल वाटिका फिर होगी हरी भरी

विज्ञापन
विज्ञापन
ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। 2015 से उजाड़ पड़ी रेल वाटिका के दिन बहुरने वाले हैं। वाटिका को हरा भरा करने के लिए परमार्थ निकेतन ने दोबारा जिम्मा उठाया है वहीं वाटिका की देखभाल करने के लिए कर्मचारी तैनात करने जा रहा है। इस मामले में अमर उजाला ने 16 जनवरी 2019 को ‘अनदेखी के कारण रेल वाटिका का हाल बदहाल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद परमार्थ निकेतन ने संज्ञान लेते हुए वाटिका की दशा हालत सुधारने की बात कही है। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने बताया कि परमार्थ निकेतन की ओर से अप्रैल की पहली तारीख से वाटिका को सुधारने का काम शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन

रेल वाटिका का सौंदर्यीकरण करने के लिए 2015 में रेलवे विभाग और परमार्थ निकेतन के बीच मौखिक सहमति बनी थी। इसके लिए परमार्थ निकेतन के परमाध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने फोन पर तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु से भी इजाजत ली थी। इसके बाद परमार्थ निकेतन ने इस वाटिका की भूमि को जेसीबी से समतल भी करवाया था। रातों रात ग्रीन ग्रास लगाई गई। वाटिका के बीच एक ऊंचा गुंबद भी बनाया गया था। इसके अलावा परमार्थ ने वाटिका के किनारे-किनारे गमलों में विभिन्न प्रजाति के फूल भी लगाए थे। इस वाटिका के बाहर बाकायदा बोर्ड भी लगाया गया, जिसमें रेल वाटिका तथा सौजन्य से परमार्थ निकेतन लिखा गया।
अनदेखी से हुआ वाटिका हाल बेहाल
वाटिका पूरी तरह से तैयार होने के बाद काफी प्रचार प्रसार भी हुआ और फोटो भी खिंचवाए गए, लेकिन नियमित तौर से ध्यान न देने से वाटिका का हाल बदहाल हो गया। ताजा स्थिति यह है कि यहां आवारा पशु, लोगों के कपड़े सुखाने का स्थान बन चुका है। गमले गायब या फिर टूट चुके हैं जबकि ग्रीन ग्रास भी तहस नहस नहस हो गई है।
विज्ञापन

कोट्स
रेल वाटिका को दोबारा खूबसूरत बनाने के लिए परमार्थ निकेतन की ओर से एक कर्मचारी अप्रैल की पहली तारीख से यहां अपनी सेवाएं देगा। कर्मचारी का कार्य इस वाटिका को पुन: हराभरा करने तथा देखभाल करने का होगा। रेलवे स्टेशन में बायो टॉयलेट की स्थिति भी खराब है। इसके लिए भी कर्मचारी तैनात किया जाएगा।
विज्ञापन

- स्वामी चिदानंद सरस्वती, परमाध्यक्ष परमार्थ निकेतन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें