ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में पल्मोनरी मेडिसिन विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय पल्मोनरी फंक्शन टेस्ट वर्कशॉप रविवार को संपन्न हो गया। इस दौरान निदेशक प्रो. रविकांत ने कहा कि एम्स ऋषिकेश मरीजों को दुनिया में मौजूद नवीनतम व आधुनिकतम जांच सुविधाएं मुहैया कराएगा। इससे यहां आने वाले मरीजों को लाभ मिल सकेगा। उन्होंने पल्मोनरी विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला की सराहना की।
इस अवसर पर मिलान, इटली के डॉ. रोबर्टो पेरिसिन व उनकी टीम ने प्रतिभागियों को सांस से संबंधित आधुनिक जांच फोरस्ड ओसिलोमैटरी, फ्रेक्शनल एग्जेल्ड नाइट्रिक ऑक्साइड, ब्रोंकियल चैलेंज टेस्ट आदि के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सांस के रोगी तकलीफ के कारण कई बार स्पायरोमैटरी जांच नहीं करा पाते हैं। ऐसी स्थिति में फोरस्ड ओसिलोमैटरी से इन मरीजों की सफलतापूर्वक जांच संभव है।
ब्रोंकियल चैलेंज टेस्ट एलर्जी का पता लगाने में कारगार
प्रो. रविकांत ने बताया कि ब्रोंकियल चैलेंज टेस्ट एलर्जी के मरीजों में बीमारी का पता लगाने और दवा लेने के बाद स्वास्थ्य में सुधार का पता लगाने में कारगर है। पल्मोनरी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. गिरीश सिंधवानी ने बताया कि एम्स निदेशक प्रो. रविकांत की पहल पर विभाग में तमाम आधुनिक तकनीकी जांच सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इस अवसर पर ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री डॉ. मयंक मिश्रा, डॉ. रुचि दुवा, डॉ. सुबोध पांडे, डॉ. प्रखर शर्मा, डॉ. लोकेश कुमार आदि उपस्थित रहे।