ब्यूरो/अमर उजाला/ऋषिकेश।
रवन्ना होने के बावजूद ट्रैक्टर ट्राली सीज करने और चालान दस्तावेज नहीं देने के आरोप में ट्रैक्टर मालिक और चालकों ने बृहस्पतिवार को एसडीएम प्रेमलाल का घेराव किया। एसडीएम ने ट्रैक्टर मालिक व चालकों से शुक्रवार को वाहनों के कागजात तथा खनिज ढुलाई की रसीद लेकर तहसील आने को कहा है।
ट्रैक्टर मालिक व चालकों ने बृहस्पतिवार को प्रगति विहार स्थित वन विभाग के कार्यालय पर एसडीएम का घेराव किया। ट्रैक्टर मालिक व चालकों का कहना था कि वे सभी टैक्स भरते हैं और उनके पास खनिज स्थानांतरण का रवन्ना भी है। इसके बावजूद वाहनों का चालान किया जा रहा है। ट्रैक्टर मालिक व चालकों ने आरोप लगाया कि उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है, जबकि हरिद्वार तथा रुड़की क्षेत्र की ट्रैक्टर ट्रालियां यहां धड़ल्ले से दौड़ रही हैं। ट्रैक्टर ट्रालियां दो माह से सीज हैं, लेकिन चालानी दस्तावेज नहीं दिए जा रहे हैं। उप जिलाधिकारी प्रेमलाल ने कहा कि सभी ट्रैक्टर चालक कॉमर्शियल के कागजात तथा खनिज ढुलाई की रसीद अपने साथ रखें। दस्तावेज न दिखाने पर सीज की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी ट्रैक्टर मालिकों व चालकों से शुक्रवार को सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा है।
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हमारे ट्रैक्टर व ट्राली को खनन अधिकारी ने दो माह पूर्व खांड गांव से सीज किया था। मेरे चालक के पास जंगलात का रवन्ना भी था। बावजूद इसके सीज की कार्रवाई की गई। खनन अधिकारी ने हमें चालान दस्तावेज भी नहीं दिया। दो माह बीत गए, लेकिन हमारा ट्रैक्टर ट्राली अभी तक नहीं छूट सका है। हमारे सामने रोजीरोटी का संकट आ गया है।
-सुनील कुमार
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बीती 15 जनवरी को उप जिलाधिकारी ने मेरे ट्रैक्टर ट्राली को रेलवे रोड से सीज किया था। ट्राली में पत्थर भरे हुए थे जिसका रवन्ना भी था। एसडीएम ने हमें चालान की कापी या कार्रवाई संबंधी कोई दस्तावेज नहीं दिए। हमें नहीं समझ में आ रहा है कि ये कौन की कार्रवाई की गई है और नियम क्या है।
-नरेंद्र रौतेला
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मेरी ट्राली में रोड़ी भरी हुई थी। तहसीलदार ने आठ जनवरी को आईडीपीएल सीटी गेट से पकड़कर सीज कर दिया। मेरे पास रवन्ना व अन्य जरूरी कागजात थे। इसके बावजूद सीज की कार्रवाई कर दी गई। साथ ही चालान सीट भी नहीं दी गई।
-सतपाल सिंह
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बीती 10 जनवरी को छिद्दरवाला से मेरे ट्रैक्टर ट्राली को सीज किया गया। मेरी ट्राली पर धुला रेत भरा था। रवन्ना होने के बावजूद सीज कर दिया गया। साथ ही कोई चालान सीट भी नहीं दी गई। यदि कार्रवाई की जा रही है तो हमें भी रिसीविंग दी जानी चाहिए। अन्यथा हम किस आधार पर अपनी गाड़ी छुड़ाने के लिए कानून का सहारा लें।
-उत्तम सिंह