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आईडीपीएल में शुरू हुआ 500 बेड का कोविड अस्पताल, अब मरीजों का इंतजार

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ऋषिकेश। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने आइडीपीएल में डीआरडीओ की ओर से बनाए 500 बेड के राइफल मैन जसवंत सिंह रावत अस्थाई कोविड अस्पताल लोकापर्ण किया। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि केंद्र सरकार और प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों से उत्तराखंड में डेढ़ महीने में कोविड व्यवस्थाओं में 10 गुना तक विस्तार किया गया है। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश और हल्द्वानी के कोविड अस्पताल लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने मील का पत्थर साबित होंगे। मुख्यमंत्री ने अस्पताल निर्माण के लिए प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री को आभार प्रकट करते हुए डीआरडीओ और एम्स की टीम को बधाई दी।
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मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि बुध पूर्णिमा के पावन अवसर के कोविड अस्पताल को शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि वे ईश्वर से कामना करते है अस्पताल में भर्ती होने वाला हर मरीज पूरी तरह से स्वस्थ होकर घर वापस घर लौटे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल को 1962 के युद्ध के नायक राइफल मैन जसवंत सिंह रावत का नाम दिया गया है। पौड़ी के बीरौंखाल की पाटली पट्टी के निवासी शहीद जसवंत सिंह ने चीनी सैनिकों से युद्ध के दौरान अद्भुत पराक्रम का प्रदर्शन करते हुए देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए थे। उन्होंने कहा कि माना जाता है कि आज भी वे सियाचीन की सीमा पर देश की रक्षा करते हैं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा कि यह उनका शौर्य ही है कि लोग भगवान की तरह उनकी पूजा करते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीद जसवंत सिंह की तरह ही यह कोविड अस्पताल मरीजों के जीवन की रक्षा करेगा। उन्होंने कहा कि डीआरडीओ ने महज तीन सप्ताह में अस्पताल का निर्माण कर दिया। वहीं एम्स ऋषिकेश ने अस्पताल के संचालन के लिए अपना हाथ आगे बढ़ाया। इसके लिए डीआरडीओ के अध्यक्ष सतीश रेड्डी, आईआरडीई के निदेशक डॉ. बीके गुप्ता और एम्स के निदेशक पद्मश्री प्राफेसर रविकांत बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने कहा उच्चस्तरीय अस्पताल में मरीजों को ऑक्सीजन बेड, आईसीयू, वेंटिलेंटर और सभी जरूरी जांच की सुविधा मिल पाएंगी। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी में पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल बीडी जोशी के नाम पर बन रहा 500 बेड का अस्थाई कोविड अस्पताल भी अगले सप्ताह तक शुरू कर दिया जाएगा। एम्स ऋषिकेश के निदेशक पद्मश्री प्रोफेसर रविकांत ने कोविड केयर सेंटर में कुल 500 बेड होंगे। जिनमें से 400 ऑक्सीजन बेड के अस्पताल का संचालन आईडीपीएल में और 100 बेड के आईसीयू-वेंटिलेटर बेडों का संचालन एम्स ऋषिकेश में किया जाएगा। प्रोफेसर रविकांत ने बताया कि अस्पताल में कोविड मरीजों के उपचार के लिए पंजीकरण व भर्ती की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल, सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी, ऋषिकेश मेयर अनीता ममगाईं, जिलाधिकारी आशीष कुमार श्रीवास्तव, एम्स के डीन प्रोफेसर मनोज गुप्ता, डीएचए प्रो. यूबी मिश्रा, एमएस प्रो. बीके बस्तिया, कोविड केयर सेंटर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रोफेसर शैलेंद्र कुमार हांडू, एम्स के वित्तीय सलाहकार कमांडेंट पीके मिश्रा, कोविड केयर सेंटर के प्रभारी डॉ. मधुर उनियाल, जनसंपर्क अधिकारी हरीश मोहन थपलियाल, विधि अधिकारी प्रदीप चंद्र पांडेय, हेमवती नंदन भट्ट आदि उपस्थित रहे।
सोशल डिस्टेंसिंग भूले नेता
डीआरडीओ के अस्पताल के लाकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के करीब जाने और फोटो सेशन कराने की होड़ में भाजपा नेता सोशल डिस्टेंसिंग भी भूल गए। कोरोना काल में जहां सुक्ष्म रूप में कार्यक्रम का आयोजन होना था वहां सैकड़ों कार्यकर्ता अस्पताल में घुस आए। इस दौरान एम्स के चिकित्सकों की टीम से संक्रमण के खतरे के चलते भीड़ से बचती नजर आई।
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दिल्ली के अस्पतालों से कोविड सेंटर की तुलना
सीएम तीरथ सिंह रावत ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि पूरी तरह वातानुकूलित ओर उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा युक्त अस्थाई अस्पताल दिल्ली के बड़े अस्पतालों से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि अस्पताल की चिकित्सा और जांच सुविधाओं का लाभ आगे भी मरीजों का मिलता रहेगा। गौरतलब है कि इससे पहले राज्यसभा सांसद नरेश बसंल ने भी कोविड महामारी के बाद भी अस्थाई अस्पताल के संचालन के लिए मुख्यमंत्री से वार्ता करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वे चाहते है कि एम्स ऋषिकेश टीम आगे भी अस्पताल का संचालन करती रहे।
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