ब्यूरो/अमर उजाला, ऋषिकेश। सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही गंगा की निर्मलता और गंगा की सुंदरता के साथ यहां होने वाली नियमित आरती का सजीव प्रसारण बड़ी स्क्रीन पर किया जा सकेगा। इसके लिए भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने लगभग तैयारी कर ली है। शनिवार को भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से गंगा आरती के लिए बड़ी स्क्रीन लगाने के लिए सर्वे करने एक प्राइवेट कंपनी के इंजीनियर तीर्थनगरी पहुंचे।
आरपी इंटरप्राइजेज के इंजीनियर राजेेश ने बताया कि भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय की ओर से ऋषिकेश में दो जगह गंगा आरती के सजीव प्रसारण के लिए बड़ी स्क्रीन लगाई जानी है। इसमें एक स्क्रीन मुनिकीरेती स्थित पार्किंग के समीप नगर पालिका परिषद के हॉल के ऊपर दूसरी परमार्थ निकेतन में लगाई जानी है। इसमें संस्कृति विभाग की ओर से दोनों स्क्रीन और साउंड सिस्टम के लिए करीब एक-एक करोड़ रुपये खर्च करेगा।
तीन किमी दूर से ही देखी सुनी जा सकेगी गंगा आरती
सर्वे टीम ने बताया कि स्वामी नारायण आश्रम घाट और परमार्थ निकेतन घाट पर होने वाली नियमित गंगा आरती का सजीव प्रसारण होने से आकर्षण दोगुना हो जाएगा। इससे आरती स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर बैठा नागरिक गंगा आरती देख सुन सकेगा। उन्होंने बताया कि स्वामी नारायण आश्रम और परमार्थ निकेतन में कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। इसके तहत आरती स्थल पर स्वचालित कैमरे लगाए जाएंगे। स्क्रीन के लिए डेल्टा कंपनी को काम सौंपा गया है और साउंड सिस्टम के लिए क्यूएससी तथा बास कंपनी को हॉयर किया गया है। सर्वे के दौरान कंपनी के राकेश चौधरी, मनीष, स्वामी नारायण आश्रम के स्वामी सुनील भगत आदि उपस्थित रहे।